ताजमहल पर सोमवार का दिन विवादों के नाम रहा। सुबह को ताज की सुरक्षा में सेंध लग गई। होशंगाबाद के कृषि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का दल सेंट्रल टैंक पर अपने कॉलेज का बैनर लेकर फोटोग्राफी कराने लगा। जबकि ताजमहल में बैनर और पोस्टर प्रतिबंधित है। फिर भी पर्यटकों का दल बैनर-पोस्टर के साथ प्रवेश कर गया। दोपहर में मुख्य मकबरे पर 200 रुपये के अतिरिक्त टिकट को लेने के बाद एक पर्यटक बिना स्कैनिंग के ही कब्र स्थल पर पहुंच गया।
शाम को ताजमहल में फ्री प्रवेश कराने के लिए पहुंचे पुलिसकर्मियों की एएसआई के चेकिंग स्टाफ से झड़प हो गई। पुलिस के जवान अपने साथ पांच पर्यटकों को फ्री प्रवेश कराने के लिए लाए थे, लेकिन एएसआई कर्मचारी ने उनसे गेट पर रखे रजिस्टर में निशुल्क प्रवेश कराने वाले पांचों पर्यटकों के नाम, पते लिखने को कहा। इसी पर पुलिसकर्मियों और एएसआई कर्मचारी के बीच विवाद हो गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
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फ्री एंट्री पर पुलिस से हुई झड़प
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ताजमहल के गेट पर तैनात सीआईएसएफ और एसआईएस जवानों ने पुलिसकर्मियों को काबू में किया। इस मामले में एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद ने एएसआई के ताज कार्यालय के संरक्षण सहायक से रिपोर्ट मांगी है और पुलिस कप्तान से शिकायत के लिए कहा है।
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ताजमहल में बैनर के साथ फोटोग्राफी करते पर्यटक
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ताजमहल की सुरक्षा में सोमवार को तब सेंध लग गई, जब होशंगाबाद के कृषि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का दल सेंट्रल टैंक पर अपने कॉलेज का बैनर लेकर फोटोग्राफी कराने लगा। ताजमहल में बैनर, पोस्टर लेकर फोटोग्राफी करना प्रतिबंधित है।
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ताजमहल में बैनर के साथ फोटोग्राफी करते पर्यटक
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कॉलेज के छात्र छात्राओं के दल ने जब फोटोग्राफी कराई तो वहां मौजूद गाइडों, फोटोग्राफरों ने सीआईएसएफ से शिकायत कर दी। छात्रों का कहना था कि उन्हें ताजमहल पर इस नियम की जानकारी नहीं थी। वह कॉलेज टूर में अक्सर ऐसे ही फोटोग्राफी करते हैं। इस मामले में अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने बताया कि बैनर अंदर पहुंचने की रिपोर्ट केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) से मांगी गई है।
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ताजमहल के बाहर लगी पर्यटकों की कतार
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मकबरे पर टिकट स्कैनिंग के बिना पहुंचा पर्यटक
दोपहर में मुख्य मकबरे पर 200 रुपये के अतिरिक्त टिकट को लेने के बाद एक पर्यटक बिना स्कैनिंग के ही कब्रस्थल पर पहुंच गया। एएसआई कर्मचारी ने उसे पकड़ा और टिकट स्कैन कराकर अंदर प्रवेश कराया। इस मामले में एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने कहा कि इस मामले में भी जानकारी जुटाई जा रही है कि कैसे पर्यटक बिना स्कैनिंग के अंदर पहुंच गया। उन्होंने मकबरे के एक टिकट पर कई लोगों को प्रवेश की आशंका को खारिज कर दिया।