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भीषण गर्मी के कारण हो रहे हादसे, एक्सप्रेसवे-हाईवे पर सुरक्षित सफर के लिए इन बातों का रखें ध्यान
Tue, 30 Apr 2019 08:34 AM IST
मुकेश कुमार
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, मथुरा
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 30 Apr 2019 08:34 AM IST
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फाइल फोटो
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आसमान से आग बरस रही है। पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। ऐसे में लंबा सफर तय करने वाली गाड़ियों के टायर जवाब दे रहे हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर ही पिछले 18 दिनों में 20 गाड़ियों के टायर फट चुके हैं। तीन बस और चार ट्रकों में आग भी लग चुकी है। आगरा-दिल्ली हाईवे पर टायर फटने की 16 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में वाहन चालकों को सतर्क किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि कार में नार्मल हवा की जगह नाइट्रोजन का इस्तेमाल करें। गर्मियों में स्पीड 100 से 110 के बीच ही रखें और हर 50 किलोमीटर पर एक ब्रेक जरूर लें।
यमुना एक्सप्रेसवे
आगरा से नोएडा तक 165 किलोमीटर के यमुना एक्सप्रेसवे पर 10 अप्रैल से 28 अप्रैल तक गाड़ियों के टायर फटने की कई घटनाएं हुई। आगरा टोल से जेवर टोल के बीच में 20 से ज्यादा गाड़ियों के टायर फट चुके हैं। जिन गाड़ियों के भी टायर फटे हैं उन सभी की रफ्तार 160 से 170 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई जा रही है। स्पीड मीटर के जरिए इन गाड़ियों का चिन्हीकरण भी कर लिया गया है।
एक्सप्रेसवे पर बस में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
जानकारों का कहना है कि भीषण गर्मी में रफ्तार तेज होने के कारण पुराना और कमजोर टायर जल्दी गर्म हो जाता है और वो फट जाता है। लिहाजा टोल प्लाजा पर पैंफ्लेट भी बांटे जा रहे हैं। गर्मी की वजह से हो रहे हादसों को लेकर वाहन चालकों को सचेत किया जा रहा है। कई बार दौड़ती गाड़ियों का टायर इतना गर्म हो जाता है कि उससे वाहन में भी आग लग जाती है। शनिवार को यमुना एक्सप्रेसवे पर एक बस में ही आग लग गई थी। दो ट्रक भी चल चुके हैं। यह ट्रक लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे। दोनों ही ट्रक लगातार चल रहे थे। जिससे टायर गर्म हो गया था।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के मेजर मनीष ने बताया कि जिन वाहनों का अभी तक टायर फटा है उनमें से अधिकांश की रफ्तार अधिक मिली है। कुछ गाड़ियां तो 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी दौड़ रही थी। लोग लगातार ड्राइविंग कर रहे हैं। कायदे में हर 50 किलोमीटर पर एक बार वाहन को रोककर उसके टायर जरूर देख लेने चाहिए। गाड़ी रुकने से टायर भी ठंडा हो जाता है।
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चलती बाइक में लगी आग (फाइल)
आगरा-दिल्ली हाईवे पर 10 अप्रैल से अभी तक 12 घटनाएं हो चुकी हैं। हरियाणा नंबर की 3 गाड़ियां तो ऐसी थीं जिनके टायर बेहद कमजोर थे। इन टायरों में नार्मल हवा भरी हुई थी। इन सभी गाड़ियों की रफ्तार भी निर्धारित मानक से ज्यादा थी। उमा मोटर्स के वर्कशॉप मैनेजर संजय शर्मा का कहना है कि टायर फटने की घटनाएं सीमेंटेड सड़कों पर ज्यादा हो रही हैं। ऐसी सड़कों पर टायर जल्दी गर्म होते हैं। मोटर कंपनी के जनरल मैनेज जितेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि आमतौर पर एक टायर की उम्र 40 हजार किलोमीटर से भी कम होती है। समय पूरा होने पर टायर चटकने लगते हैं। चटके टायर जल्दी गर्म होते हैं और वह फट जाते हैं।