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ब्रज में फिर जीवंत हुई राधा-कृष्ण की लीला, तस्वीरों में देखिए बरसाना की लठामार होली

Thu, 05 Mar 2020 11:53 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरसाना (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरसाना (मथुरा) Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 05 Mar 2020 11:53 AM IST
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barsana lathmar holi 2020 celebrations
बरसाना की लठामार होली - फोटो : Amar Ujala
जो रस बरस रह्यौ बरसाने वो रस तीन लोक में नाएं...बरसाना की रंगीली गली में द्वापरकालीन लीला बुधवार को फिर सजीव हो उठी। नंदगांव से कृष्ण के सखा होली खेलने के लिए राधारानी के गांव बरसाना पहुंचे। हाथ में लाठियां लिए सजी धजी सखियों ने हंसी ठिठोली की। ब्रज की बोली में वाद संवाद हुआ। 
barsana lathmar holi 2020 celebrations
बरसाना की लठामार होली - फोटो : Amar Ujala
लाठियों की तड़तड़ाहट के साथ ब्रज का अलौकिक लठामार होली का उत्सव आनंदित करने लगा। लाठियों से बचाव के लिए हुरियारे भी ढाल का सहारा लेने लगे। विश्व प्रसिद्ध लठामार होली में हुरियारिनों की लाठियों से अलौकिक आनंद की बरसात हुई।
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बरसाना की लठामार होली - फोटो : Amar Ujala
बरसाना में राधारानी की सखियों के चेहरे पर उल्लास था। आज नंदगांव से कान्हा के सखा होली खेलने जो आए हैं। बरसाने के लोग इस दिव्य लीला के लिए सुबह से तैयारियों में जुटे रहे। इससे पहले सुबह श्रीकृष्ण रूपी प्रतीक ध्वज लिए नंदगांव से हुरियारों की टोली प्रिया कुंड पहुंची। स्वागत सत्कार के बाद हुरियारे टोलियों के रूप में बरसाना पहुंचे। 
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बरसाना की लठामार होली - फोटो : Amar Ujala
बरसाने पहुंचने पर रंगीली गली में सजी-धजी खड़ीं हुरियारिनों से वाद संवाद शुरू होता है। प्रेम में सराबोर शब्दों से छींटाकशी होने लगती है। हुरियारिनें भी बस लाठियां बरसाने के इशारे के इंतजार में उतावली हैं। वाद-संवाद कुछ ही क्षणों में प्रेम रस भरी तनातनी में बदलने लगता है। हुरियारिनों की लाठियां बरसने लगती हैं। 
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बरसाना की लठामार होली - फोटो : Amar Ujala
हुरियारे होली के गीतों में मदमस्त होकर नाचते और होली के रसियाओं का गान करते हैं। प्रेम पगी लाठियों की मार से आनंद बरस रहा है। हुरियारे भी अपनी ढालों से लाठियों की मार को बेअसर करते दिखे। बार-बार हुरियारिनें लाठियां बरसा रहीं थीं, तो हुरियारे ठिठोली करते हुए होली के रसिया गाकर मार को झेल रहे थे। 
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