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एटाः कूलर की आवाज में दब गईं फायर की आवाज और महिला अफसर की चीखें
Wed, 07 Aug 2019 12:54 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 07 Aug 2019 12:54 AM IST
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नूतन यादव की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सहायक अभियोजन अधिकारी नूतन यादव की हत्या की जानकारी पड़ोसियों को भी सुबह ही हुई। लोगों को जानकारी हुई कि पांच गोलियां चलाई गईं। इस पर हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था कि पांच गोलियां चलीं तो उनकी आवाज भी आई होगी। आखिर कैसे पांच फायर होने के बाद भी किसी ने आवास नहीं सुनी, यह भी चर्चा का विषय रहा। पुलिस ने आसपास के लोगों से इस संबंध में जानकारी भी की। पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें हत्या की जानकारी सुबह ही हुई है। रात में कूलर चलते रहते हैं इसके चलते आवाज नहीं आई होगी। यहां यह बात समझने वाली है कि नूतन के आवास के सामने खाली मैदान पड़ा है।
हत्या के बाद छानबीन के लिए पहुंचे पुलिस अफसर
- फोटो : अमर उजाला
नूतन यादव महिला थाना कंपाउंड में बने आवासों में से एक आवास पर रहतीं थीं। आवास के आसपास ज्यादातर दरोगा या पुलिस कर्मियों के ही परिवार रहते हैं। सुबह जैसे ही हत्या की जानकारी हुई तो शहर में यह चर्चा आग की तरह फैल गई कि महिला थाना कंपाउंड में हत्या हुई है। लोगों ने इस पर टिप्पणी भी कि थाना कंपाउंड में हत्या हो रही है तो शहर के लोग खुद को कैसे सुरक्षित समझें। वहीं आईजी ने भी यह बात कही कि थाना कंपाउंड में बने आवास में हत्या होना बेहद चिंता का विषय है।
महिला की हत्या के बाद तलाशी लेते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
आसपास के लोगों से बातचीत में यह बात सामने आई कि नूतन बेहद सीमित व्यवहार रखतीं थीं। वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करतीं थी। आसपास की महिलाओं ने बताया कि उनकी नूतन से कभी बात नहीं होती थी। वह अपनी स्कूटी से सुबह कार्यालय चली जातीं थी और शाम को वापस आकर कमरे में ही रहतीं थीं। उनकी पड़ोस की आंटी से जरूर थोड़ी बहुत बात होती थी। जिन्हें नूतन ने धनपाल के बारे में बताया था कि वह उनका चाचा है।
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घर से पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
नूतन अपने भाई के साथ एटा में रहतीं थी। उनका भाई राघवेंद्र उर्फ लालू एटा में रहकर सिविल सर्विस और पुलिस की तैयारी कर रहा था। उसे किताबों की जरूरत पड़ी तो वह दो दिन पहले ही किताबें लेने के लिए अपने घर आगरा के बरहन थाना क्षेत्र के गांव खुशहालपुर गया था। राघवेंद्र को बुलाने के लिए नूतन ने फोन भी किया था लेकिन किसी काम के चलते वह नहीं आ सका। राघवेंद्र की मौजूदगी में धनपाल वहां नहीं आता था। सभी यह कह रहे थे कि भाई होता तो नूतन की जान बच जाती।
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आवास के बाहर से अंदर आने वाले रास्ते को यलो टेप से सुरक्षित कर दिया गया
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को जब जानकारी मिली तो पुलिस को घटना का अंदाजा नहीं था। लेकिन जब पुलिस मौके पर पहुंची तो घटना स्थल देख सहम गई। मौके से कारतूस मिलने की जानकारी होते ही पुलिस ने सभी को घटनास्थल से हटा दिया। इसके बाद आवास के बाहर से अंदर आने वाले रास्ते को यलो टेप से सुरक्षित कर दिया गया और जाने जाने वाले लोगों को बाहर ही रोक दिया गया। इसके बाद किसी को भी घटना स्थल तक नहीं जाने दिया गया।