आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर फतेहाबाद में शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हुआ। एक्सप्रेस-वे पर एक स्लीपर बस ट्रक में घुस गई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। जबकि 29 घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद चीख-पुकार मची थी।
स्लीपर बस में लोहामंडी के किशोरपुरा निवासी दीपक केबिन में बैठे थे। पत्नी अनुराधा और तीन साल का बेटा दिव्यांश अंदर थे। केबिन में दीपक सहित चारों लोग बुरी तरह फंस गए थे। अनुराधा चीखती हुई मदद की गुहार लगाती रही। उसे पुलिस ने अस्पताल भेजना चाहा मगर उसने कहा कि पहले पति को निकालो।
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हादसे में क्षतिग्रस्त बस
- फोटो : अमर उजाला
घायल होने के बाद भी अस्पताल नहीं गई अनुराधा
पुलिस ने पति को निकाला तो सही मगर तब तक दीपक की मौत हो चुकी थी। ये लोग वाराणसी गए थे। वहां से स्लीपर बस से आगरा लौट रहे थे। हादसे के बाद केबिन में फंसे लोगों को निकालने में यूपीडा व पुलिस की टीमें लग गईं। ग्रामीणों की सहायता से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।
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बच्चे के साथ अनुराधा वर्मा
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अनुराधा व अपने तीन साल के बेटे दिव्यांश के साथ घायल होने के बाद भी अस्पताल नहीं गई, क्योंकि पति बस की केबिन फंसे हुए थे। वह बेटे को गोद में लेकर मदद की गुहार लगा रही थीं। पत्नी बार-बार रोते हुए बोल रही थी कि मेरे पति बस के अंदर केबिन में बसे हुए हैं, उन्हें बाहर निकालो। यह मंजर देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई।
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हादसे में क्षतिग्रस्त बस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस व यूपीडा की टीम ने क्रेन से ट्रक को आगे किया तो चार लाशें केबिन से रोड पर गिरीं तो मौजूद लोग मंजर देखकर कांप गए। जैसे ही लाश नीचे गिरी तो अनुराधा वर्मा अपने पति की लाश को देखकर चीखने लगीं। मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला।
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हादसे में घायल यात्री
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सीएमओ पहुंचे सीएचसी
शनिवार सुबह तड़के आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर बस ट्रक में घुसने से हुई घायलों की जानकारी पर मुख्य चिकित्साधिकारी अरुण श्रीवास्तव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद पहुंचे और घायलों बातचीत की तथा उन्हें सही इलाज दिलाने के निर्देश दिए। सीएमओ ने बताया कि जो जो घायल निजी अस्पतालों में गए थे वहां टीम भेजी और उनसे समुचित इलाज करने के लिए कहा गया है तथा किसी भी मरीज से अनावश्यक पैसे नहीं लिए जाएंगे यदि लेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।