फिरोजाबाद के नगला खंगर थाना क्षेत्र में मंगलवार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे का कारण संभागीय परिवहन विभाग बस चालक की लापरवाही मान रहा है। बस चालक की लापरवाही यह रही कि उसने बस को चौथी लेन में रोकने के बजाय तीसरी लेन में ही रोक दिया। इस कारण तेज रफ्तार डीसीएम ने बस को टक्कर मार दी। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
संभागीय परिवहन विभाग कार्यालय में तैनात आरआई हरिओम ने बताया कि बस की पिछली लाइट खराब हो गई थी जिसे ठीक करने के लिए चालक ने बस को चौथी लेन में रोकने के बजाय तीसरी लेन में रोक दिया था। बस के पीछे आ रही डीसीएम भी अपनी निर्धारित गति से अधिक चल रही थी। जिस तरीके से हादसे के बाद दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, उससे यह प्रतीत हो रहा है कि डीसीएम की स्पीड 90 या 100 के करीब होगी, क्योंकि उसकी केबिन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसा: क्षतिग्रस्त डीसीएम
- फोटो : अमर उजाला
हादसा इतना भीषण था कि नगला खंगर क्षेत्र में एक्सप्रेसवे किनारे बसे गांव के लोग दोनों वाहनों के टकराने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के अधिकारियों के साथ नगला खंगर थानाध्यक्ष लालता प्रसाद दाऊ भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसा: क्षतिग्रस्त डीसीएम
- फोटो : अमर उजाला
घायल अवस्था में तड़प रहे प्रकाश और आरिफ को उपचार के लिए सैफई अस्पताल भेजा गया। उनकी हालत गंभीर बताई गई है। डीसीएम के चालक और क्लीनर के शवों के साथ बस चालक रामसेवक व दो अन्य यात्रियों के शवों को लेकर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। मृतकों की पहचान होने के साथ ही पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसा: इसी बस से टकराई थी डीसीएम
- फोटो : अमर उजाला
संभागीय परिवहन कार्यालय के आरआई हरिओम ने बताया कि हादसों को रोकने के लिए एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। चालक निर्धारित गति में न चलकर वाहन को ओवरस्पीड पर चलाते हैं, जिससे हादसा होता है। मंगलवार सुबह हुआ हादसा बस चालक की लापरवाही का परिणाम है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसा: घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
स्लीपर बस बन रही है हादसे का कारण
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अभी तक जो हादसे हुए हैं, उनका प्रमुख कारण स्लीपर बसें हैं। जल्द पहुंचने के कारण चालक बस को ओवरस्पीड चलाते हैं, जो हादसे का कारण बन जाते हैं। वर्ष 2021 में जो आठ हादसे एक्सप्रेसवे पर हुए, उनमें चार हादसे स्लीपर बसों से हुए हैं।