आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक उमाकांत गुप्ता का अपहरण फिल्मी अंदाज में किया गया था। इसकी योजना बदमाशों ने एक महीने पहले बनाई थी, लेकिन अपने मंसूबों ने कामयाब नहीं हो सके। पुलिस के अनुसार पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अपहरण की वारदात बदन सिंह तोमर गैंग ने की है। वारदात में शामिल एक युवती और युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य बदमाशों की तलाश है। जिस युवती को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उसको चिकित्सक पहले से जानते थे। उसी ने उन्हें जाल में फंसाया था। बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद गुरुवार को चिकित्सक उमाकांत गुप्ता ने आपबीती बताई। अगली स्लाइड्स में जानें कैसे हुआ डॉक्टर का अपहरण, फिर बदमाश क्यों बीहड़ में छोड़कर क्यों चले गए....
आगरा के डॉक्टर की आपबीती: युवती ने फोन कर बुलाया, फिल्मी स्टाइल में कर लिया अगवा
वरिष्ठ चिकित्सक उमाकांत गुप्ता के अनुसार एक महीने पहले एक युवक का ऑपरेशन कराने के लिए अंजलि नाम की युवती आई थी। युवती ने कहा कि वह मथुरा की रहने वाली है। युवक उसका भाई है। उसके पथरी थी। 15 दिन पहले चिकित्सक के बेटे ने युवक का ऑपरेशन किया था। इस दौरान युवती ने चिकित्सक से कहा कि वह विधवा है। कोई सहारा नहीं है। नौकरी लगवा दो। डॉक्टर उसे दिलासा दिया और कहा कि अभी उनके अस्पताल में कोई जगह खाली नहीं है। कहीं कुछ होता है तो बताता हूं।
कार चला रहे चिकित्सक ने पीछे मुड़कर देखा तो दो बाइक पर छह बदमाश उनके पीछे चल रहे थे। उन्होंने एमजी रोड पर कार रोकनी चाही, लेकिन डर के कारण ऐसा नहीं किया। रोहता नहर पर बदमाशों ने बाइक आगे लगाकर कार रोक ली। इस दौरान बदमाशों ने चिकित्सक को थप्पड़ मारे और पीछे वाली सीट पर बंधक बनाकर बैठा दिया। युवती दूसरे बदमाश के साथ बाइक पर चली गई। बदमाश कार को इरादतनगर से होते धौलपुर ले गए। वहां कार छोड़ दी और चिकित्सक को बाइक पर ले गए।
चिकित्सक के अनुसार बदमाशों ने एक मकान में लेकर उन्हें खाना खिलाया। इसके बाद बीहड़ में ले गए, जहां एक चबूतरे पर बैठा दिया। बदमाशों ने कहा कि डॉक्टर साहब पांच करोड़ रुपये फिरौती देनी पड़ी। हालांकि बदमाशों ने फिरौती के लिए उनके परिजनों को कॉल नहीं की। उन्हें रातभर वहीं रखा। सुबह भी खाना दिया। पीड़ित चिकित्सक ने बताया कि जो बदमाश फिरौती मांग रहे थे, उनका रवैया बुधवार शाम को अचानक बदल गया।