वाह रे एडीए, छीछालेदर होने पर भी अवधपुरी और दौरेठा क्षेत्र की छह कॉलोनियों के हालात तो नहीं बदले, लेकिन लोगों द्वारा बदले नाम के पोस्टर बैनर जरूर फाड़ दिए। सोमवार को आगरा आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारी दौरेठा में पहुंचे और जहां ‘नरकपुरी’, ‘दुर्गंधशील’ कॉलोनी, ‘कीचड़ नगर’, ‘नाला सरोवर’, ‘घिनौना नगर’ के पोस्टर लगे थे, उन्हें फाड़ दिया गया। क्षेत्रीय लोगों की समस्याओं के समाधान की जगह एडीए की सचिव ने लोगों को चेतावनी दी कि दोबारा ऐसे नामों वाले पोस्टर ना लगाएं। टैक्स नहीं देंगे तो विकास कार्य कैसे होंगे। एडीए अफसरों के इस रवैये से लोगों में आक्रोश है। अब बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में जुट गए हैं।
दौरेठा नंबर एक और दो की छह कॉलोनियों में जलभराव, सड़कों पर गड्ढे और नाला चोक होने के कारण समस्याएं झेल रहे लोगों ने सप्ताह भर पहले अपनी कॉलोनियों के नाम बदल दिए थे। जगह-जगह पोस्टर और बैनर लगा दिए। सोमवार को एडीए सचिव गरिमा सिंह अधिकारियों के साथ पहुंची और सभी पोस्टर फाड़ दिए, जिन पर कॉलोनियों के नाम बदले गए थे।
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दौरेठा में लगे बैनर फाड़े
- फोटो : अमर उजाला
समस्याएं दूर करने का ख्याल नहीं आया
भगवान नगर के अनिल तिवारी ने कहा कि 14 साल से नारकीय हालात में रह रहे हैं। एडीए की सचिव को बोर्ड पर ‘नरकपुरी’ नाम पसंद नहीं आया, हम जिस हालात में रह रहे हैं, उसे बदलने का ख्याल नहीं आया।
'अधिकारी ऐसे हालात में रहकर दिखा दें'
अवधपुरी के महेंद्र सिंह ने कहा कि यह तो चोरी और सीनाजोरी वाली बात है। नरक से मुक्ति भी न दिलाएंगे और विरोध का हक भी छीन लेंगे। यह अंधेरगर्दी है। एडीए के अधिकारी बोर्ड हटाने से पहले एक दिन ऐसे हालात में रहकर दिखा दें।
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अवधपुरी का नाम रखा था नरकपुरी
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'पहले के काम नहीं हुए तो कैसे करें भरोसा'
अवधपुरी के राजेंद्र सिंह ने कहा कि एडीए ने कहा कि पहले विकास शुल्क जमा करें, तब काम कराएंगे। जनकपुरी में सड़क, नाला स्वीकृत हुआ, वह नहीं बनाया तो लोग कैसे भरोसा करें। पहले रोड, नाला बना दें, हम शुल्क जमा करा देंगे।
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टीम के साथ पहुंची थीं एडीए सचिव
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'हमने पोस्टर नहीं फाड़े'
एडीए सचिव गरिमा सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र में लेखपाल, अमीनों से कहा है कि निर्विवाद जगह की माप करें ताकि सड़कों, नालों के निर्माण की योजना बन सके। लोगों से हमने बात की, पर हमने पोस्टर नहीं फाड़े।