Police Intervention Domestic Dispute: पारिवारिक या घरेलू विवाद के दौरान अक्सर कहासुनी इतनी बढ़ जाती है कि आसपास के लोग या पड़ोसी पुलिस को फोन कर बुला लेते हैं। ऐसे समय पर लोगों के मन में सबसे बड़ा डर यही बैठ जाता है कि क्या पुलिस आते ही घर के सदस्यों को गिरफ्तार कर लेगी। कानून के मुताबिक, हर छोटे-मोटे पारिवारिक झगड़े में पुलिस तुरंत किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती।
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घर में झगड़ा होने पर पड़ोसी ने बुला ली पुलिस, तो क्या तुरंत हो सकती है गिरफ्तारी? जानें आपके अधिकार
Sun, 30 Aug 2026 08:06 PM IST
Shikhar Baranawal
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Sun, 30 Aug 2026 08:06 PM IST
सार
Can Police Arrest in Family Dispute: अक्सर ऐसा होता है कि किसी घर में अगर घरेलू विवाद होता है तो पड़ोसी या कोई अन्य व्यक्ति पुलिस को फोन कर देता है। पुलिस के आने पर बहुत से लोग या तो घबरा जाते हैं या फिर पुलिस से ही बहस कर लेते हैं। आइए इस लेख में ये समझते हैं कि घरेलू विवाद में अगर पुलिस आती है तो आपके पास क्या अधिकार हैं।
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घर में झगड़े पर पुलिस
- फोटो : AI
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परिवार में विवाद
- फोटो : Freepik
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस की प्राथमिक भूमिका और कार्रवाई?
- पुलिस का सबसे पहला काम मौके पर पहुंचकर झगड़ा रोकना और माहौल को शांत कराना होता है।
- पुलिस पहले दोनों पक्षों की बात सुनती है और यह समझने की कोशिश करती है कि मामला केवल जुबानी बहस का है या मारपीट हुई है।
- साधारण कहासुनी या बिना मारपीट वाले घरेलू विवाद गैर-संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं, जिनमें तुरंत गिरफ्तारी का कोई नियम नहीं है।
- ज्यादातर मामलों में पुलिस दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला घर के अंदर ही निपटाने की सलाह देती है।
पुलिस स्टेशन
- फोटो : AI
किन परिस्थितियों में हो सकती है तुरंत गिरफ्तारी?
- अगर झगड़े में किसी सदस्य के साथ गंभीर मारपीट हुई हो या खून-खराबा हुआ हो, तो पुलिस इसे कॉग्निजेबल ऑफेंस मानती है और इसपर कड़ी कार्रवाई करती है।
- अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा आक्रामक हो रहा हो या पुलिस के सामने भी हिंसा की धमकी दे रहा हो, तो उसे एहतियातन हिरासत में लिया जा सकता है।
- अगर घर की महिला या पीड़ित व्यक्ति द्वारा गंभीर शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना की लिखित शिकायत दी जाती है, तो पुलिस कानूनी कदम उठाती है।
- विवाद के दौरान अगर किसी ने धारदार हथियार या अवैध सामग्री का इस्तेमाल किया हो, तो पुलिस तुरंत हिरासत में ले सकती है।
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पुलिस कार्रवाई के समय आपके मौलिक कानूनी अधिकार?
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस कार्रवाई के समय आपके मौलिक कानूनी अधिकार?
- संविधान के अनुच्छेद 22 के तहत आपको यह जानने का पूरा अधिकार है कि आपको किस धारा या आरोप के तहत रोका या गिरफ्तार किया जा रहा है।
- हिरासत में लिए जाने पर पुलिस को आपके किसी एक परिजन या रिश्तेदार को आपकी गिरफ्तारी की जानकारी देना अनिवार्य है।
- आपको हिरासत के दौरान भी अपने वकील से मिलने और कानूनी सलाह लेने का पूरा अधिकार प्राप्त है।
- अगर पुलिस किसी को गिरफ्तार करती है, तो उसे 24 घंटे के अंदर संबंधित मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना कानूनी रूप से जरूरी होता है।
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पड़ोसी द्वारा पुलिस बुलाने पर क्या सावधानियां बरतें?
- फोटो : Adobe Stock
पड़ोसी द्वारा पुलिस बुलाने पर क्या सावधानियां बरतें?
- पुलिस के आने पर उत्तेजित न हों, न ही पुलिस अधिकारी से बहस करें; अपना पक्ष शांति से रखें।
- पुलिस को विनम्रता से बताएं कि यह एक सामान्य पारिवारिक बातचीत थी जो थोड़ी तेज आवाज में हो रही थी और अब स्थिति नियंत्रण में है।
- अगर पड़ोसी के साथ आपकी कोई पुरानी रंजिश है और उसने गलत शिकायत की है, तो पुलिस को वास्तविक स्थिति से अवगत कराएं।
- अगर मामला थाने तक जाता है, तो किसी भी दस्तावेज या बयान पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ें।