Pitru Paksha 2025: आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक चलने वाले 15 दिनों को पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष कहा जाता है। इस अवधि में पूर्वजों को स्मरण करने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि इन दिनों में पितृ अपनी संतानों से मिलने पृथ्वी लोग आते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं।
Pitru Paksha 2025: गर्भवती महिलाएं पितृ पक्ष में न करें ये काम, शिशु पर पड़ सकता है बुरा प्रभाव
पितृ पक्ष के दौरान गर्भवती महिलाओं को कुछ विषेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं कि इन 15 दिनों में गर्भवती महिलाओं को किन बातों के लिए सतर्कता बरतनी चाहिए।
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- पितृ पक्ष में गर्भवती महिलाओं को तामसिक भोजन यानी मांसाहार, लहसुन-प्याज और तला-भुना भोजन नहीं करना चाहिए। केवल सात्विक भोजन करना ही स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए उचित माना जाता है।
Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष में पंचमी और षष्ठी का श्राद्ध होगा एक ही दिन, जानें श्राद्ध की तिथियां
इस वर्ष पितृ पक्ष की शुरुआत और समापन दोनों ही दिन ग्रहण पड़ रहे हैं। पहले दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण और अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या पर सूर्य ग्रहण होने वाला है। ग्रहण के समय भी गर्भवती महिलाओं को सावधान रहना चाहिए। इस दौरान महिलाओं को घर के अंदर रहना चाहिए, पेट पर गेरु लगाना चाहिए और नुकीली वस्तुओं का प्रयोग करने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।