Neem Ke Upay: कई बार हमें जीवन में बहुस सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसका एक कारण शनि या राहु-केतु के अशुभ प्रभाव भी हो सकता है। शास्त्रों में इन समस्याओं से छुटकारा पानें के लिए कुछ उपाय भी बताए गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि अगर आप भी शनि या राहु-केतु के बुरे प्रभावों का सामना कर रहे हैं, तो इसके लिए कौन सा उपाय कर सकते हैं।
Astro Tips: शनि या राहु-केतु के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए घर के बाहर लगाएं ये पौधा, जीवन में आएगी शांति
माना जाता है कि नीम का पेड़ शनि के दोषों को शांत करने में सहायक होता है। लेकिन ध्यान रखें इसे सही दिशा में लगाना जरूरी है। सही दिशा में लगाने से ग्रहदोष शांत होते हैं और घर में समृद्धि आती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नीम का पेड़ लगाने के लाभ
नीम के वृक्ष के पास नकारात्मक ऊर्जा टिक नहीं पाती। यह न सिर्फ राहु-केतु और शनि के प्रभावों को कम करता है, बल्कि सकारात्मकता और धन-संपत्ति का भी प्रवेश कराता है। घर के बाहर यह पेड़ लगाने से नजर दोष, पितृ दोष और शनि-मंगल के दोषों से भी राहत मिल सकती है।
किस दिशा में लगाएं नीम का पौधा?
ज्योतिष के अनुसार नीम का संबंध मंगल, शनि और केतु ग्रहों से होता है। ऐसे में दक्षिण दिशा नीम का पौधा लगाने के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। इस दिशा में पौधा लगाने से लंबे समय से अटकी हुई बरकत फिर से सक्रिय हो सकती है।
नीम को 'नीमाड़ी देवी' का रूप माना गया है। कहा जाता है कि नीम की लकड़ी से हवन करने पर वास्तु दोष दूर होते हैं और घर में सुख-शांति आती है। नीम की पत्तियों से धूनी देने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
Ekdant Sankashti Chaturthi 2025: कब रखा जाएगा ज्येष्ठ माह की पहली संकष्टी चतुर्थी का व्रत? जानें तिथि
Bada Mangal 2025: क्या होता है बड़ा मंगल? जानें इसका ऐतिहासिक महत्व और तिथि
नीम का संबंध मंगल ग्रह से होता है। रोजाना इस पेड़ पर जल अर्पित करने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है, जो मंगल के दोष को शांत करते हैं। वहीं नीम की माला धारण करने से शनि के अशुभ प्रभावों से भी बचा जा सकता है। अगर कुंडली में केतु दोष हो तो नीम की पत्तियां पानी में डालकर स्नान करना लाभदायक होता है।
Rahu Gochar 2025: 18 मई को राहु के गोचर का मेष, वृषभ और मिथुन राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।