गणेश चतुर्थी का उत्सव अब केवल घरों तक ही सीमित नहीं है। कई कॉर्पोरेट ऑफिस, दुकानों और स्टार्टअप्स में भी गणपति बप्पा का स्वागत श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं और वास्तु के अनुसार घर और कार्यस्थल पर गणेश जी की स्थापना में कुछ अंतर बताए गए हैं। ऑफिस में बप्पा को विराजमान कराते समय मूर्ति के स्वरूप से लेकर दिशा और पूजा के नियमों तक कई बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। अगर आप भी इस गणेश चतुर्थी पर ऑफिस में गणपति स्थापना करने जा रहे हैं, तो इन बातों को जरूर जान लें।
Ganesh Chaturthi: घर और ऑफिस में गणेश स्थापना के नियमों में क्या है अंतर? जानें जरूरी बातें
गणेश चतुर्थी पर घर के साथ ऑफिस में भी गणपति बप्पा की स्थापना की जाती है। हालांकि, कार्यस्थल पर गणेश स्थापना करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। जानिए घर और ऑफिस की गणेश स्थापना में क्या अंतर है ।
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मूर्ति का स्वरूप
घर में लोग अपनी पसंद और धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी की अलग-अलग स्वरूप वाली प्रतिमा स्थापित करते हैं। वहीं कार्यस्थल या व्यापारिक स्थान के लिए शांत मुद्रा और पद्मासन में विराजमान गणेश जी की प्रतिमा को शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा स्वरूप स्थिरता और सकारात्मकता का प्रतीक होता है।
पूजा का संकल्प
घर में गणपति पूजा का उद्देश्य परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना से जुड़ा होता है। ऑफिस में पूजा के दौरान व्यापार में तरक्की, आर्थिक स्थिरता, काम में आ रही बाधाओं को दूर करने और कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल की कामना की जाती है।
स्वच्छता और अनुशासन
घर में पूजा की व्यवस्था और साफ-सफाई पर परिवार आसानी से ध्यान दे सकता है। ऑफिस में लोगों की आवाजाही अधिक होती है, इसलिए गणपति स्थापना वाली जगह की स्वच्छता, पवित्रता और पूजा के समय का विशेष ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
ऑफिस में गणपति स्थापना करते समय रखें इन बातों का ध्यान
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ईशान कोण या पूर्व दिशा चुनें:वास्तु मान्यताओं के अनुसार, ऑफिस में गणेश जी की स्थापना के लिए उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण या पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। प्रतिमा रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि उनकी पीठ मुख्य कार्यक्षेत्र की ओर न हो।
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सूंड की दिशा भी मानी जाती है महत्वपूर्ण: कार्यस्थल के लिए बाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणपति की प्रतिमा को प्राथमिकता देने की मान्यता है। वहीं दाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणेश जी की पूजा में अधिक नियमों का पालन करना पड़ता है। इसलिए ऑफिस जैसे व्यस्त स्थान पर प्रतिमा चुनते समय इस बात का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
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बीम, सीढ़ियों और वॉशरूम के पास न रखें मूर्ति: गणेश जी की चौकी ऐसे स्थान पर रखें जहां उनके ऊपर छत की भारी बीम न हो। सीढ़ियों के नीचे या वॉशरूम से सटी दीवार के पास भी प्रतिमा स्थापित करने से बचने की सलाह दी जाती है।
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बप्पा को अर्पित करें 21 दूर्वा: धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश को दूर्वा बेहद प्रिय है। पूजा के दौरान 21 दूर्वा की गांठें अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके साथ मोदक या बेसन के लड्डू का भोग भी लगाया जा सकता है।
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टीम के साथ करें आरती:ऑफिस में गणपति स्थापना के बाद सुविधानुसार सुबह या शाम कर्मचारियों के साथ सामूहिक आरती की जा सकती है। इससे सभी लोग एक साथ पूजा में शामिल हो पाते हैं और कार्यस्थल पर उत्सव का माहौल बनता है।