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Ekdant Sankashti Chaturthi 2025: कब रखा जाएगा ज्येष्ठ माह की पहली संकष्टी चतुर्थी का व्रत? जानें तिथि

Tue, 13 May 2025 01:42 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Tue, 13 May 2025 01:42 PM IST
सार

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को एकादंता संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है, जो भगवान गणेश के अनेक रूपों में से एक ‘एकादंता’ को समर्पित होते हैं।

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Ekdant Sankashti Chaturthi 2025 Puja Tithi and Niyam may sankashti chaturthi kab hai
एकादंता संकष्टी चतुर्थी 2025 - फोटो : freepik

Ekdant Sankashti Chaturthi 2025: ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को एकादंता संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है, जो भगवान गणेश के अनेक रूपों में से एक ‘एकादंता’ को समर्पित होते हैं। इस दिन व्रत रखने वालों को जीवन की परेशानियों और विघ्नों से छुटकारा प्राप्त होता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है और उनके एकादंता स्वरूप की पूजा विशेष रूप से इस दिन की जाती है। कई महिलाएं यह व्रत अपनी संतान की दीर्घायु और सुरक्षा के लिए रखती हैं, जबकि कुछ दंपत्ति इसे संतान प्राप्ति की इच्छा से भी करते हैं।



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Ekdant Sankashti Chaturthi 2025 Puja Tithi and Niyam may sankashti chaturthi kab hai
एकादंता संकष्टी चतुर्थी 2025 तिथि और समय - फोटो : freepik

एकादंता संकष्टी चतुर्थी 2025 तिथि और समय
दृक पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि की शुरुआत 16 मई की सुबह 4:02 बजे होगी और इसका समापन अगले दिन 17 मई, शनिवार को सुबह 5:13 बजे होगा। पूजा का सही समय चंद्रमा के दर्शन के बाद माना जाता है, इसलिए यह व्रत 16 मई, शुक्रवार को ही रखना जाएगा। संकष्टी के दिन चंद्रोदय का समय रात 10:39 बजे है।
 

Ekdant Sankashti Chaturthi 2025 Puja Tithi and Niyam may sankashti chaturthi kab hai
व्रत और पूजन विधि - फोटो : freepik

व्रत और पूजन विधि
एकादंता संकष्टी चतुर्थी के दिन प्रातः स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान गणेश के समक्ष व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल को स्वच्छ कर गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। मूर्ति का गंगाजल या स्वच्छ जल से अभिषेक करें। उन्हें लाल या पीले वस्त्र पहनाएं और चंदन, हल्दी व कुमकुम से श्रृंगार करें और दूर्वा घास, पीले या लाल फूल चढ़ाएं, जो गणेश जी को अति प्रिय हैं। इसके बाद दीप और धूप प्रज्वलित कर आरती करें।

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Ekdant Sankashti Chaturthi 2025 Puja Tithi and Niyam may sankashti chaturthi kab hai
व्रत और पूजन विधि - फोटो : freepik
पूजा के दौरान “ॐ गं गणपतये नमः” अथवा “ॐ वक्रतुण्डाय हुं” मंत्रों का जप करें। इसके बाद संकष्टी व्रत की कथा श्रद्धा के साथ सुनें और चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें और फिर व्रत का पारण करें। व्रत खोलने के पश्चात सात्विक भोजन करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
 

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Ekdant Sankashti Chaturthi 2025 Puja Tithi and Niyam may sankashti chaturthi kab hai
एकादंता संकष्टी चतुर्थी 2025 - फोटो : freepik
एकादंता संकष्टी चतुर्थी का व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ किया जाए, तो यह जीवन से सभी प्रकार की बाधाओं और कष्टों को दूर करने में सहायक होता है। भगवान गणेश की कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन सुखमय होता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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