सियाचिन में गश्त के दौरान भारी हिमस्खलन से बर्फ में दबकर देश के लिए कुर्बान हुए हिमाचल के लाल मनीष ठाकुर का बुधवार को उनके पैतृक गांव सोलन के कुनिहार के दोची में सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चार दिन बाद घर छुट्टी आने की बात कहने वाला बेटा बुधवार को जब तिरंगे में लिपटकर घर के आंगन में पहुंचा तो हर कोई रो पड़ा।
शहीद की पार्थिव देह पहुंचते ही बिलख पड़े परिजन, रोते हुए महिलाएं बोलीं- मेरा बेटा भी बनेगा फौजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुनिहार (सोलन)
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 20 Nov 2019 07:53 PM IST
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