हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन की सूचना मिलने के बाद गुरुवार को प्रदेशभर से समर्थक उनके अंतिम दर्शन के लिए राजधानी शिमला पहुंचे।वीरभद्र के निधन की खबर मिलने ही हर कोई स्तब्ध रह गया। जिनके मन में उनके लिए प्यार था वो दिग्गज नेता की अंतिम बार झलक पाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर से चल दिया। सुबह आठ बजे से पहले ही वीरभद्र सिंह के निजी आवास होली लॉज के बाहर उनके चाहने वालों के आने का क्रम शुरू हो गया था। वीरभद्र सिंह के निधन पर प्रदेश में जगह-जगह बाजार बंद रहे। शहरों से लेकर देहात तक व्यापारियों ने शोक स्वरूप बाजार बंद रखे।
वीरभद्र सिंह की कुलदेवी मां भीमाकाली मंदिर के कपाट तीन दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं। राजधानी शिमला में शहर और आसपास गुरुवार दोपहर तक बाजार बंद रहे। सुन्नी में भी आधा दिन बाजार बंद रहा। रामपुर, रोहडू़, चिड़गांव, आनी के बाजार भी बंद रहे। ज्यूरी के दूसरे क्षेत्रों की तरह सराहन में भी पूरा बाजार बंद रहा। भरमौर में सुबह नौ से दस बजे तक बाजार बंद किया गया। मंडी जिले के धर्मपुर में भी बाजार बंद रहा। सिरमौर में ददाहू और नौहराधार बाजार दो घंटे तक बंद रहे। उधर, बंजार में कारोबारी शनिवार को बाजार बंद रखेंगे। शुक्रवार को सुंदरनगर और नेरचौक बाजार बंद रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी जाएगी। मंडी में शोक स्वरूप 10 जुलाई को बाजार बंद रखा जाएगा।
वीरभद्र सिंह के निधन से आपा खो चुका एक समर्थक 12:04 बजे अचानक फूट-फूटकर रोने लगा। कहा कि अपने लिए तो सब सोचते है, पूरे देश की सोचते थे। इस बुजुर्ग को मौजूद पुलिस अधिकारी और अन्य समर्थकों ने किसी तरह शांत किया व पानी पिलाया।
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फूट-फूटकर रोए समर्थक।
- फोटो : अमर उजाला
टका बैंच से लेकर होली लॉज तक पुलिस बल तैनात किए गए थे। टका बैंच से अश्वनी जो वीरभद्र सिंह के समाचार पत्र सूर्या को बांटने का काम करता था, गमगीन हालत में उनके दर्शन के लिए चढ़ाई चढ़ रहा था, बात करने पर उसके मुंह से एक ही बात निकली, वे आधे हिमाचल के पिता थे।
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हाली लॉज में वीरभद्र की पार्थिव देह।
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हाली लॉज में वीरभद्र सिंह का पार्थिव शरीर करीब आठ बजे पहुंचते ही उनके चाहने वालों के आने का क्रम शुरू हो गया। पूर्व महापौर हरीश जनारथा,कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिमला ग्रामीण यशवंत छाजटा, धर्मपाल ठाकुर, आकाश सैणी, प्रतीक अंदर लोगों के आने की व्यवस्था में जुटे हुए थे।
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फूट-फूटकर रोए समर्थक
- फोटो : अमर उजाला
जैसे जैसे समय आगे बढ़ता गया, होली लॉज में वीरभद्र सिंह के समर्थकों के आने का क्रम बढ़ता गया। जो भी गेट से अंदर दाखिल होता, वीरभद्र की याद ताजा होने पर आंखों में आंसु लेकर उनके अंतिम दर्शन करता रहा। करीब सवा दस बजे मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर पहुंचे। वे भी भावुक दिखे। 11:27 बजे पूर्व राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय हाली लॉज पहुंचे।