अषाढ़ मास की अमावस्या तिथि 21 जून को कंकणाकृति सूर्य ग्रहण लगेगा। यह सूर्य ग्रहण सुबह से दोपहर तक पूरे भारत में खंडग्रास रूप में दिखाई देगा। वैदिक ज्योतिष अनुसंधान संस्थान शिमला के ज्योतिषाचार्य, डॉ. मस्तराम शर्मा ने बताया कि सूर्य ग्रहण सुबह 9:15 बजे से शुरू होगा और शाम 3: 04 बजे समाप्त होगा। वहीं, कंकण ग्रहण सुबह 10 बजकर 17 मिनट के आसपास आरंभ हो जाएगा और दोपहर 2 बजकर 2 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। सूर्य ग्रहण दोपहर 12 बजकर 10 मिनट के करीब चरम पर होगा। पूर्ण ग्रहण तीन बजकर चार मिनट पर समाप्त होगा। भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई देने के कारण इसका सूतक मान्य रहेगा। सूर्य ग्रहण में सूतक काल 12 घंटे पहले ही लग जाता है। ऐसे में ग्रहण के एक दिन पहले यानी 20 जून की रात 9 बजकर 52 मिनट से सूतक लग जाएगा और ग्रहण की सामाप्ति पर यह खत्म होगा। वहीं, पंचमुखी हनुमान मंदिर केलटी शिमला के पुजारी पंडित संजय शास्त्री ने बताया कि राजधानी शिमला में ग्रहण का प्रभाव 10: 23 सुबह से दोपहर 1: 48 बजे तक होगा, जबकि हिमाचल प्रदेश में के अन्य जिलों में एक से दो मिनट का अंतर रहेगा। इसे चूड़ामणि सूर्य ग्रहण कहा जाएगा। साधु-संतों के लिए सूर्य ग्रहण का सूतक काल 20 जून की रात्रि से शुरू हो जाएगा।
Surya Grahan 2020: जानें किन राशियों के जातकों पर पड़ेगा क्या प्रभाव
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 20 Jun 2020 10:53 AM IST
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