हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के गांव-गांव में इन दिनों स्नो फेस्टिवल की धूम है। स्थानीय लोगों की ओर से बर्फ पर उकेरी गई विभिन्न मनमोहक कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शुक्रवार को गौशाल गांव में स्कीइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉक्टर रामलाल मारकंडा गौशाल गांव पहुंचे। जहां पर ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।
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स्नो फेस्टिवल लाहौल
- फोटो : अमर उजाला
मारकंडा और डीसी पंकज राय ने कहा कि गौशाल में स्कीइंग प्रतियोगिता आयोजित करने की सभी बुनियादी जरूरतें मौजूद हैं। आने वाले दिनों में गौशाल में जिला स्तरीय स्कीइंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस दौरान बर्फ के ऊपर महिलाओं की रस्साकशी आकर्षण का केंद्र रही।
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स्नो फेस्टिवल के दौरान बनाई शेर की आकृति।
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फेस्टिवल शुरू होने के बाद से लाहौल में जगह-जगह बर्फ की आकृतियां बनाई जा रही हैं। बीते दिनों घाटी के कई भागों में इग्लू बनाने का उत्साह रहा। बच्चों ने भी छोटे-छोटे इग्लू तैयार किए। युवाओं की ओर से बनाई जा रही आकृतियां सराहनीय और बेहद आकर्षक हैं।
वहीं, शुक्रवार को रस्साकशी में गांव की महिलाओं ने एक-दूसरे को पटकनी देने के लिए खूब जोर आजमाइश की। ग्रामीणों ने मुख्यातिथि के समक्ष स्थानीय नाटी(लोक नृत्य)भी पेश की। जिसमें मंत्री मारकंडा ने भी भाग लिया। मारकंडा ने कहा कि आने वाले दिनों में लाहौल घाटी एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के तौर पर उभरेगी।
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स्नो फेस्टिवल लाहौल
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इसके लिए सरकार और प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी है। मंत्री ने कहा कि लोग कम लागत में होमस्टे का निर्माण कर पर्यटन से अच्छी आमदनी कर सकते हैं। इसके सरकार ने होमस्टे पंजीकरण की प्रक्रिया को बेहद सरल किया है।