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घट्टा टोल प्लाजा : संशोधित दरों की वसूली पर रोक के आदेश पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश
Mon, 19 Oct 2026 10:19 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 19 Oct 2026 10:19 PM IST
सार
न्यायाधीश चिराग भानु सिंह ने कांगड़ा (धर्मशाला) जिला उपभोक्ता फोरम के उस आदेश पर फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है, जिसके तहत घट्टा फीस प्लाजा पर संशोधित यूजर फीस वसूल करने पर रोक लगा दी गई थी।
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अदालत(सांकेतिक)।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को अंतरिम राहत दी है। न्यायाधीश चिराग भानु सिंह ने कांगड़ा (धर्मशाला) जिला उपभोक्ता फोरम के उस आदेश पर फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है, जिसके तहत घट्टा फीस प्लाजा पर संशोधित यूजर फीस वसूल करने पर रोक लगा दी गई थी। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग कांगड़ा ने 17 अक्तूबर को एक आदेश जारी कर एनएचएआई को घट्टा टोल प्लाजा पर बढ़ी हुई दरें वसूलने से रोक दिया था। इस आदेश के खिलाफ एनएचएआई ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की।
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एनएचएआई का मुख्य तर्क था कि जिला उपभोक्ता फोरम ने उनका पक्ष सुने बिना और बिना कोई जवाब दाखिल करवाए ही यह एकतरफा अंतरिम आदेश पारित कर दिया। नियमानुसार जिला फोरम के इस आदेश के खिलाफ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपील की जानी चाहिए थी। लेकिन दशहरे की छुट्टियों की वजह से राज्य उपभोक्ता आयोग बंद है और अब यह 26 अक्तूबर 2026 को खुलेगा। ऐसे में एनएचएआई ने अदालत से गुहार लगाई कि अपील दायर करने की वैधानिक अवधि के दौरान उन्हें राहत प्रदान की जाए।
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हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना याचिका का निपटारा कर दिया और एनएचएआई को वैधानिक प्रक्रिया के तहत राज्य आयोग के पास जाने की छूट दी। कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया है कि एनएचएआई 26 अक्तूबर 2026 को राज्य उपभोक्ता आयोग के खुलते ही उसके समक्ष अपील दायर करने के लिए स्वतंत्र है। जब तक राज्य आयोग इस मामले की सुनवाई नहीं करता, तब तक घट्टा फीस प्लाजा पर यूजर फीस को लेकर दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखेंगे। अदालत ने यह भी पाया कि संशोधित दरें पहले ही 1 सितंबर 2026 से लागू हो चुकी हैं।
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