गुड़िया रेप हत्याकांड से जुड़े आरोपी सूरज की लॉकअप में हत्या के मामले में सीबीआई के हाथ ऐसा सुराग लगा कि जिससे एसपी साहब पकड़े गए। आरोपी सूरज की लॉकअप में हत्या के मामले में सीबीआई ने आईजी के बाद अब एसपी डीडब्ल्यू नेगी को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने रेलवे बोर्ड भवन स्थित अपनी शिमला शाखा में एसपी नेगी से लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई के मुताबिक नेगी पर लॉकअप हत्याकांड में फर्जी मामला दर्ज करवाने में शामिल होने का आरोप है। गुड़िया प्रकरण के दौरान डीडब्ल्यू नेगी शिमला जिला के एसपी थे।
शिमला रेप केस: सीबीआई के हाथ लगा ये सुराग और पकड़े गए SP साहब
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वे गुड़िया मामले की जांच को बनी पुलिस एसआईटी में भी थे। नेगी वर्तमान में एसपी विजिलेंस विशेष जांच इकाई हैं। बता दें कि सीबीआई गुड़िया मामले में ही आईजी जहूर एच जैदी, डीएसपी मनोज जोशी समेत आठ पुलिस कर्मचारियों को करीब तीन माह पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में कंडा जेल में हैं। गिरफ्तारी के बाद एसपी नेगी को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने नेगी को 20 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। गुड़िया और लॉकअप मामले की जांच कर रही सीबीआई पिछले कुछ समय से एसपी डीडब्ल्यू नेगी से लगातार पूछताछ कर रही थी। उन्हें गिरफ्तार करने की पहले से ही तैयारी कर ली गई थी। कुछ तथ्यों के पुष्ट होने के बाद सीबीआई ने वीरवार को नेगी को गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने ऐसे लपेटा एसपी नेगी को ...
कोटखाई थाने के लॉकअप में 18 जुलाई की रात को गुड़िया मामले में गिरफ्तार आरोपी सूरज की हत्या की गई। सीबीआई जांच के मुताबिक ये हत्या पुलिसकर्मियों ने ही की। ये हत्या उस समय हुई जब डीएसपी मनोज जोशी की निगरानी में सूरज को लॉकअप से निकालकर बाहर पूछताछ की जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक इस हत्या के बाद विचलित डीएसपी मनोज जोशी एसपी डीडब्ल्यू नेगी से मिलने शिमला आए। जोशी आईजी जहूर एच जैदी के घर भी गए। इसी दौरान योजना बनाई गई कि पुलिस पर बात न आए और इल्जाम दूसरे आरोपी राजू पर मढे़ जाएं कि उसी ने हत्या की है। चूंकि, राजू पहले से ही गुड़िया से दुराचार व हत्या के आरोप में मुजरिम था, इसलिए पुलिस अधिकारी ये मानकर चले कि ये बात किसी को मालूम नहीं होगी।
पुलिस ने इस प्रकरण में कोटखाई थाने में तैनात संतरी दिनेश शर्मा से भी जबरन बयान लिखवाया कि उसी के सामने राजू ने सूरज की हत्या की। सीबीआई सूत्रों की मानें तो ऐसे हालात में पुलिस अधिकारी अकेले संतरी को लपेटकर ही इस मामले से साफ बचकर निकलना चाह रहे थे। मगर सीबीआई की नई दिल्ली से विशेष जांच अपराध शाखा के पहुंचने के बाद संतरी ने बयान दिया कि उसके सामने राजू ने सूरज को नहीं मारा। थाना प्रभारी जोशी आरोपी सूरज को थाने से बाहर ले गए थे। रात को नौ बजे से लेकर 12 बजे तक उसकी ड्यूटी थी। उसकी ड्यूटी के दौरान राजू अकेला ही थाने में था। इस बयान को आधार बनाकर सीबीआई ने पुलिस अधिकारियों को लपेटने के लिए तमाम तरह के सबूतों को जुटाया। अब पूछताछ के बाद नेगी को गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या है मामला- चार जुलाई को स्कूल से निकली दसवीं की छात्रा गुड़िया घर नहीं पहुंची। छह जुलाई की सुबह दांदी जंगल के हलाइला गांव के पास उसकी लाश मिली। इसके बाद पुलिस ने दुराचार और हत्या का मामला दर्ज किया। छह आरोपियों को गिरफ्तार कर ये दावा किया गया कि इस प्रकरण को सुलझा लिया गया है। बाद में कोटखाई थाने के लॉकअप मेें इन्हीं मेें से एक आरोपी सूरज की हत्या हो गई। पुलिस ने कत्ल का आरोप गुड़िया मामले के दूसरे आरोपी राजू पर लगाया। पुलिस जांच पर शक जताते हुए पब्लिक सड़कों पर उतर आई। कोटखाई थाने को ही फूंक डाला गया।