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देवता व कर्म : 141 दिन उल्टी चाल चलेंगे शनि, इन राशि के जातकों की बढ़ाएंगे मुश्किलें

Fri, 30 Apr 2021 04:15 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 30 Apr 2021 04:15 PM IST
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shani ki vakri chaal 2021: Saturn Retrograde From 23 May 2021 to 11 October 2021
शनि देव

नवग्रहों में न्याय का देवता व कर्म का कारक माने जाने वाले शनि ग्रह 23 मई  को दोपहर 2.53 बजे अपनी ही मकर राशि में वक्री हो रहे हैं और 141 दिन वक्री अवस्था में रहने के बाद 11 अक्टूबर को प्रात: 7.44 बजे वह पुन: मार्गी होंगे। ज्योतिष शोधार्थी व एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान शोध पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी ने बताया कि शनि के अपनी ही राशि में वक्री होने से वैसे तो सभी राशियां प्रभावित होंगी लेकिन जिन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैया चल रही है, उन पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इन राशियों को 141 दिन तक सतर्क रहना होगा। इसके अलावा शनि के उल्टी चाल चलने से देश की अर्थव्यवस्था व काम धंधों पर भी इसका असर पड़ेगा। कई तरह के बदलाव भी देखने को मिलेंगे।

shani ki vakri chaal 2021: Saturn Retrograde From 23 May 2021 to 11 October 2021

बेदी ने बताया कि ज्योतिष के ग्रंथों में शनि के वक्री होने को शुभ नहीं माना गया है और यह कहा गया है कि -"शनि वक्रे च दुर्भिक्षं रूण्डमुण्डा च मेदिनी और शनि वक्रे जने पीड़ा।" जिसका अर्थ यह है कि शनि के वक्री होने पर प्रजा रोग व पीड़ा का शिकार होती है। गुरमीत बेदी ने बताया कि शनि के वक्री होने से कई लोगों को नुकसान हो सकता है, लेकिन साढ़ेसाती और ढय्या वाली राशियों पर खासतौर से इसका असर देखने को मिलेगा। 

shani ki vakri chaal 2021: Saturn Retrograde From 23 May 2021 to 11 October 2021

इस समय धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है जबकि मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। शनि की उल्टी चाल से इन राशियों के लोगों की परेशानियां बढ़ सकती है। इन दिनों चोट, दुर्घटना और धन हानि के भी योग बनेंगे। इन राशियों के लोगों को संभलकर रहना होगा।

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shani ki vakri chaal 2021: Saturn Retrograde From 23 May 2021 to 11 October 2021

उन्होंने कहा शनि देव वक्री होने पर धन में कमी लाते हैं व धन हानि कराते हैं। जॉब और बिजनेस में दिक्कतें पैदा करते हैं। लिहाजा देश की आर्थिक स्थिति भी शनि के वक्री होने से प्रभावित होगी और उद्योग धंधों पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। लोगों का स्वास्थ्य एवं मनोस्थिति भी प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की कुंडली में शनि शुभ स्थिति में हैं, उन लोगों को शनि अपनी वक्री अवस्था के दौरान भी शुभ फल प्रदान करेंगे।

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shani ki vakri chaal 2021: Saturn Retrograde From 23 May 2021 to 11 October 2021
गुरमीत बेदी - फोटो : अमर उजाला

गुरमीत बेदी ने बताया कि शनि व्रकी होने पर अशुभ फल प्रदान न करें , इसके लिए अभी से उपाय आरंभ कर देना चाहिए। मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करें। प्रत्येक शनिवार शनिदेव का दान करें। इस दौरान कमजोर व्यक्तियों का अपमान न करें। जरूरमंत व्यक्तियों की मदद करें। काली चीजों का दान करें और अनैतिक कार्यों से दूर रहें। इससे काफी राहत मिलेगी।

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