वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर करीब 11 महीने बाद मंगलवार को हिमाचल प्रदेश कांगड़ा जिले की सभी शक्तिपीठों के गर्भगृह दर्शनों के लिए खोल दिए गए। कोरोना महामारी के चलते गर्भगृह में श्रद्धालुओं के जाने पर रोक थी। उपायुक्त कांगड़ा के आदेशों के बाद मंदिरों के गर्भगृह खोल दिए गए हैं। शक्तिपीठों में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। गर्भगृह के दर्शन कर श्रद्धालु खुशी से चहकते हुए दिखे। शक्तिपीठ मां ज्वालाजी में आठ हजार, चामुंडा में तीन हजार और बज्रेश्वरी मंदिर में 5 बजे तक दो हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाजिरी भरी। मंदिर क्षेत्र में कोविड एसओपी का पालन यथावत होता रहेगा। मंदिर में तिलक नहीं लगाया जाएगा और प्रसाद चढ़ाने व बांटने पर भी प्रतिबंध जारी रहेगा। मंदिर में मास्क और दो गज दूरी जरूरी होगी।
तस्वीरें: हिमाचल में 11 माह बाद खुले शक्तिपीठों के गर्भ गृह, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
ज्वालाजी में गूंजी शहनाई की मधुर धुन
वसंत पंचमी और गुप्त नवरात्र के मौके पर मंगलवार को शक्तिपीठ ज्वालामुखी में गर्भगृह के खुलते ही पूरा मंदिर परिसर शहनाई वादन की स्वर लहरियों से गूंज उठा। मंदिर अधिकारी जगदीश शर्मा ने विधिवत पूजा अर्चना के साथ मुख्य मंदिर में गर्भगृह का द्वार आम लोगों के लिए खोला। गर्भगृह दर्शन की अनुमति के साथ ही अकबर छत्र मोदी भवन व शयन भवन के द्वार भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। पुजारी महासभा के प्रधान अविनेंद्र शर्मा और व्यापार मंडल ज्वालामुखी अध्यक्ष अनीश सूद के अनुसार 11 माह बाद मंदिर के गर्भ गृह खुलने से सभी को राहत मिली है।
जयकारों से गूंजा चामुंडा नंदिकेश्वर धाम
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में विधिवत पूजा अर्चना के बाद गर्भगृह दर्शनों के लिए खोल दिया गया। मुख्य पुजारी ओम व्यास, ओम प्रकाश, मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा और न्यास के सदस्यों ने पूजा में भाग लेकर मां चामुंडा से आशीर्वाद लिया। इस बीच, गर्भगृह खुलने की सूचना पाकर श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर में पहुंचने शुरू हो गए थे। गर्भगृह खुलते ही श्रद्धालुओं के जयकारों से मंदिर गूंजने लगा। मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा ने बताया कि बिना मास्क मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा।
कांगड़ा में श्रद्धालु बोले-माता के दर्शन कर हुए निहाल
समय : सुबह साढ़े नौ बजे। करीब 11 महीने बाद शक्तिपीठ श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर का गर्भगृह श्रद्धालुओं के लिए खुल गया। दर्शनों के लिए गर्भगृह के खलते ही मंदिर में मौजूद पुजारी भक्ति में डूबते हुए खुशी से झूम उठे। मंदिर में कम भीड़ के बावजूद हर कोई मां के दर्शन गर्भ गृह में जाकर करने को उत्सुक है। मां के जयकारों की आवाज मंदिर में गूंज रही है। दर्शन कर गर्भगृह से बाहर निकले नवविवाहित मनीष और नेहा ने बताया कि माता के दर्शन कर निहाल हो गए। वहीं बुजुर्ग सुरेश कुमार ने कहा कि कोविड काल के दौरान वह पहले भी मंदिर आए थे लेकिन बाहर से ही दर्शन कर लौटना पड़ा था।
आज गर्भगृह में जाकर माता के दर्शन कर अभिभूत हैं। यूपी से आए चरणजीत, राजकुमारी, चंचल दास ने बताया कि मंदिर पहुंचते ही गर्भगृह में जाने की पाबंदी हटने की जानकारी पाकर खुशी और बढ़ गई। माता के दर्शन तसल्ली से किए। उधर, युवा पुजारी सभा के प्रधान अनुपम शर्मा ने बताया कि गर्भगृह खुलने के बाद पुजारियों में खुशी का माहौल है। अब श्रद्धालु मां के दर्शन नजदीक से कर सकेंगे। तहसीलदार विजय सांगा ने बताया कि गर्भ गृह खुलने के पहले दिन दो हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए।