हिमाचल प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू की बंदिशें कम होते ही पर्यटकों ने राज्य का रुख करना शुरू कर दिया है। लाहौल-स्पीति जिला प्रशासन ने भी इसे देखते हुए अपने यहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बिना कोरोना टेस्ट आने की अनुमति दे दी है। पहले लाहौल के प्रवेश द्वार सिस्सू में कोरोना टेस्ट होते थे। उधर, दो साल बाद रोहतांग दर्रा सैलानियों के लिए सोमवार को खोल दिया गया। पहले दिन करीब 200 पंजीकृत वाहनों में पर्यटक रोहतांग दर्रा पहुंचे और बर्फ के साथ मौज-मस्ती की।
हिमाचल: सैलानियों के लिए दो साल बाद खुला रोहतांग दर्रा, बिना कोरोना टेस्ट जा सकेंगे लाहौल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाहौल-स्पीति प्रशासन की ओर से कोरोना टेस्ट की बंदिश हटाने के साथ ही पर्यटक रोहतांग टनल से होकर सिस्सू, काजा, केलांग और लेह की तरफ ज्यादा जाने लगे हैं। जिला प्रशासन ने विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चंद्रताल के साथ शिंकुला, सरचू, बारालाचा समेत घाटी के तमाम पर्यटन स्थल सैलानियों के लिए खोल दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग हर सप्ताह सभी होटल, कैंप और ढाबों में स्टाफ की रैंडम सैंपलिंग करेगा। लाहौल घाटी के पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार होंगे और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का व्यवसाय भी चमकेगा। अटल टनल रोहतांग बन जाने से मनाली-केलांग का सफर दो घंटे से अधिक नहीं है, ऐसे में मनाली आने वाले पर्यटक लाहौल की ओर अधिक संख्या में पहुंचेंगे।
लाहौल-स्पीति उपायुक्त पंकज राय ने घाटी के सभी पर्यटन स्थल सैलानियों के लिए खोले जाने की पुष्टि की है। उधर, रोहतांग दर्रे पर पहुंचे पर्यटकों ने बर्फ के बीच मस्ती करने के साथ फोटोग्राफी भी की। जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि रोहतांग दर्रे में इस साल सिर्फ हिमाचल प्रदेश नंबर की एचपी-01 और 02 वाली टैक्सियां ही जा सकेंगी। दर्रे के लिए स्थानीय लोगों के निजी वाहनों को छोड़कर अन्य निजी वाहन को जाने ही इजाजत नहीं है। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने बताया कि रोहतांग दर्रा सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। उधर शिमला में भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। सोमवार को सैलानियों ने रिज, मालरोड घूमने के अलावा घुड़सवारी का भी आनंद लिया।
जान जोखिम में डालकर ब्यास में उतरने लगे सैलानी
उधर, कोरोना कर्फ्यू में प्रदेश सरकार ने सैलानियों के सैर सपाटे के लिए बड़ी राहत दी है, लेकिन सैलानी अपनी जान जोखिम में डालकर ब्यास नदी के किनारे उतर रहे हैं। पहाड़ों पर बर्फ के पिघलने से ब्यास के साथ जिला के नदी नालों का पानी का स्तर ज्यादा है। मानसून ने भी दस्तक दे दी है। सोमवार को मनाली के आसपास कई पर्यटक नदी में फोटो और सेल्फी लेने के लिए उतरे और खूब मस्ती की।
पर्यटकों के ब्यास पर उतरने के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर मनाली प्रशासन ने अपील की है कि वह मेहमानों को समझाएं कि इस तरह की गतिविधि न करें। यह उनके लिए जानलेवा हो सकती है और यह कोविड नियमों का भी उल्लंघन है। उन्होंने मनाली पुलिस से भी ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि जो प्वाइंट खतरनाक हैं। वहां प्रशासन की ओर से सूचना पट्ट भी लगाए जा रहे हैं।