प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त 13 हजार से अधिक अस्थायी शिक्षकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पैट, पैरा और पीटीए शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर दिया है। विधानसभा के शीत सत्र में इसको लेकर सरकार बिल ला सकती है। संभावित है कि 20 नवंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में भी इस प्रस्ताव को लेकर चर्चा होगी।
हरियाणा की तर्ज पर अस्थायी शिक्षकों को नियमित करने के लिए प्रदेश शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत विभिन्न श्रेणियों के तहत शिक्षकों को नियमित करने की योजना है। प्रस्ताव के तहत अस्थायी शिक्षकों को वन टाइम सेटलमेंट के तहत नियमित करने या नियमित शिक्षकों के बराबर वेतनमान देने की सिफारिश की गई है।
20 को होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल सकती है। सरकार से हरी झंडी मिलते ही इस प्रस्ताव को विधानसभा में पेश किया जाएगा। बीते दिनों प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत पीटीए अध्यापकों के नियमितीकरण और अनुबंध पर लाने से जुड़े मामले को लेकर प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन केस का स्टेटस स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं।
प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में चल रही सुनवाई के दौरान पीटीए अध्यापकों की ओर से मांग की गई कि या तो उनके नियमितीकरण अथवा अनुबंध पर लाने का फैसला सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका के अंतिम निपटारे पर निर्भर किया जाए या सरकार से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में अर्जी देकर पीटीए से जुड़े मामले पर स्पष्टीकरण मांगा जाए कि क्या वास्तव में पीटीए से जुड़ा कोई मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित भी है या नहीं।
प्रार्थियों का स्पष्ट मत है कि सुप्रीम कोर्ट में पीटीए अध्यापकों के नियमितीकरण को लेकर कोई मामला लंबित नहीं है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने अस्थायी शिक्षकों के नियमितीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है। अस्थायी शिक्षकों को नियमित करने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव में एसएमसी के तहत रखे शिक्षकों को भी शामिल करने की योजना है। 1500 से अधिक शिक्षकों को इस प्रस्ताव में लाने का अंतिम फैसला कैबिनेट बैठक में हो सकता है।