भारी बारिश और बर्फबारी के तीन दिन बाद सोमवार को मौसम खुलते ही बर्फ से लकदक पहाड़ों की रानी शिमला चांदी की तरह चमक उठी। बर्फ से लदी पहाड़ियां व देवदार के पेड़ हर किसी को आकर्षित कर रहे हैं। कुदरत के इन खूबसूरत नजारों को निहारने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी शिमला पहुंचे। इस दौरान सैलानियों ने बर्फ में खूब मस्ती की। हालांकि, बर्फबारी के बाद जिलेभर में परिवहन सेवाएं ठप हैं। ऊपरी शिमला को राजधानी से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 05 तीन दिन बाद भी बहाल नहीं हो पाया ।
ढली से छराबड़ा, कुफरी, फागू तक सड़क बहाल न होने के कारण ठियोग, कोटखाई, रोहड़ू, चौपाल, नेरवा, नारकंडा, कुमारसैन और किंगल का शिमला से सड़क संपर्क टूटा हुआ है। जिलेभर में एचआरटीसी के 146 रूट फेल हो गए। शिमला-मशोबरा सड़क बंद होने के कारण सुन्नी, बसंतपुर, तत्तापानी और करसोग के लिए शिमला से बस सेवा दो दिन से बंद है। सोमवार को एचआरटीसी ने शिमला से रामपुर, रिकांगपिओ के लिए वाया धामी एक बस भेजी। शिमला से रोहड़ू के लिए बस सेवा पूरी तरह बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रोहड़ू के लिए वाया विकासनगर वैकल्पिक मार्ग से सोमवार को बस नहीं भेजी गई।
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शिमला का रिज मैदान।
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ऊपरी शिमला के लिए बस सेवा बहाल न होने के कारण शिमला में फंसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऊपरी शिमला से भी लोग राजधानी नहीं पहुंच पा रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को सबसे अधिक दिक्कत पेश आ रही है।
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शिमला रेल।
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जिलेभर में बर्फबारी के कारण सड़कें बंद होने से सोमवार को एचआरटीसी के करीब 146 रूट फेल हुए और 42 बसें विभिन्न रूटों में फंसी हुई है। एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक शिमला दलजीत सिंह ने बताया कि रूटों में फंसी बसों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
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बर्फ में सैलानियों की मस्ती।
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आईएसबीटी से सोलन-चंडीगढ़ दिल्ली रूट पर सुबह करीब दस बजे के बाद बस सेवा बहाल हो पाई। टूटीकंडी-आईएसबीटी और क्रॉसिंग के बीच एचआरटीसी डीजल पंप के पास सड़क पर फिसलन होने के कारण यहां पंजाब रोडवेज और हरियाणा रोडवेज की बसें स्किड होकर फंस गई। इस कारण दस बजे तक जाम की स्थिति बनी रही।
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शिमला के छराबड़ा का नजारा।
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राजधानी शिमला को निचले हिमाचल से जोड़ने वाला शिमला-मंडी हाईवे हीरानगर और टूटु के पास सोमवार को दोपहर करीब ढाई बजे तक बंद रहा। मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर की ओर से शिमला आ रही करीब दो दर्जन बसें हीरानगर के पास जाम में फंसी रही। कुछ बसें हीरानगर से ही वापस लौट गईं। हीरानगर से शिमला पहुंचने के लिए यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।