प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मियों और कोरोना की पहली डोज के लाभार्थियों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत की। उन्होंने इस मौके पर जहां हिमाचल प्रदेश के कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाने के मामले में देश भर में अव्वल आने पर उनके कठिन परिश्रम को बधाई दी, वहीं उनसे हल्के-फुल्के अंदाज में कई गहरी बातें भी कहीं। इनसे हुए संवाद में मोदी हिमाचल से अपनत्व को बार-बार दोहराते रहे, वहीं उन्होंने इनसे बातचीत के जरिये पूरे देशवासियों के लिए संदेश भी दिया।
संवाद: मलाणा में तार स्पैन से पहुंचाई कोविड वैक्सीन, बुजुर्ग ने पीएम मोदी को दिया आशीर्वाद
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कच्छ के डॉक्टर से पूछा - मैदानी गर्मी के बाद खुद को कैसे ढाला हिमाचल की ठंड में
सिविल अस्पताल डोडराक्वार के डॉ. राहुल मूल रूप से गुजरात के कच्छ क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से कहा कि डोडरक्वार हिमाचल प्रदेश का दुर्गम इलाका है। इस क्षेत्र में सिग्नल की दिक्कत रहती है। लोगों को स्थानीय बोली में कर्मचारियों ने वैक्सीन के फायदे समझाए। वैक्सीन लगाने को लोगों से टेलीफोन से संपर्क किया गया। पंडार और जाखा पहुंचने अस्पताल से 8 से 10 घंटे लगते हैं। स्वास्थ्य कर्मचारी खाना साथ ले जाते रहे। पीएम ने फिर पूछा- आप मैदानी इलाके के रहने वाले हैं, हिमाचल पहाड़ी इलाका है। मैदानी गर्मी के बाद हिमाचल की ठंड में खुद को कैसे ढाला? कच्छ के रणोत्सव लोगों से विचार साझा किए कि नहीं? इस पर डॉ. राहुल ने कहा कि पहले अजीब सा लगा, यहां के लोग अच्छे हैं। यहां वीआईपी कल्चर नहीं है। मुख्यमंत्री, मंत्री से आसानी से मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं हिमाचल से बहुत परिचित हूं।
लगता है सराजियों ने पूरा जिम्मा अपने कंधे पर ले लिया
जिला मंडी के थुनाग निवासी कोरोना वैक्सीन के लाभार्थी दयाल सिंह से पीएम मोदी ने पूछा - थुनाग मंडी से बहुत दूर है। किस तरह की चुनौतियां आईं? इस पर दयाल सिंह ने कहा कि कुछ लोगों ने कहा कि यह हो जाएगा, वह हो जाएगा, मगर टीकाकरण अभियान ठीक से चलता रहा। मोदी ने कहा - जब भी मंडी को याद करता हूं तो मंडयाली धाम का स्वाद महसूस कर रहा हूं। आप सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री भी यहीं के हैं। लगता है कि सराजियों ने पूरा जिम्मा अपने कंधों पर ले लिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अच्छा नेतृत्व कर रहे हैं और आप वैक्सीन लगाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। आप दयालु हैं, इसलिए आपके माता-पिता ने आपका नाम दयाल सिंह रखा है। दूसरी डोज के लिए आपको ढीला नहीं पड़ना है। इसी ऊर्जा के साथ काम करना है।
देवता जमदग्नि ऋषि से अनुमति लेने के बाद शुरू किया टीकाकरण अभियान
जिला कुल्लू के मलाणा गांव की हेल्थ केयर वर्कर निरमा देवी ने कहा कि मलाणा गांव में प्राचीन लोकतंत्र है। यहां अपना कानून चलता है। यहां जमदग्नि ऋषि (जमलू देव)के आदेश बगैर कोई काम नहीं होता है। देवता की अनुमति से टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। शुरू में कठिनाई भी हुई, लेकिन लोगों को विश्वास में लेने के बाद सब आसानी से हो गया। छह-छह किलोमीटर पैदल चलकर लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। वहां तार स्पैन से वैक्सीन पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिमाचल देवों की भूमि है। हम सब लोग देवी-देवताओं पर विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा - आपको फिर कहूंगा, इसी जुनून से आगे बढ़ना है।
बुजुर्ग निर्मला बोलीं, मेरा तो दूसरी डोज से बाजू का दर्द ठीक हुआ
जिला हमीरपुर की बुजुर्ग निर्मला देवी ने कहा - मैंने पहली डोज स्वास्थ्य केंद्र में लगाई। दूसरी डोज लगाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी घर आए। मेरी बाजू में दर्द होता था, टीका लगाने के बाद यह भी गायब हो गया। इस पर प्रधानमंत्री ने हंसते हुए कहा - टीका लगाने के आपको डबल फायदा हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना और हिमाचल की सहारा योजना के तहत लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। लोगों को इलाज करने में दिक्कतें नहीं आ रही हैं। पीएम से इस मौके पर निर्मला देवी ने बातचीत में कुछ गलत कहने की स्थिति में क्षमा मांगी तो वह बोले - आपका तो आशीर्वाद चाहिए माता जी!