हैंडबाल की राष्ट्रीय खिलाड़ी ने हिमाचल की महिला हैंडबाल टीम में चयन न होने पर आत्मदाह की धमकी दे डाली है। चयनकर्ताओं पर भेदभाव का आरोप लगा कर आत्मदाह करने की धमकी देकर खेल सिस्टम में चयन प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। नौ बार राष्ट्रीय स्तर पर जबकि, दो बार विश्वविद्यालय, व एक बार सीनियर राष्ट्रीय हैंडबाल प्रतियोगिता खेल चुकी ऊना कॉलेज हैंडबाल टीम की कप्तान शिखा मानसिक परेशानी के दौर से गुजर रही है।
हाल ही में अंतर कॉलेज राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रही ऊना कॉलेज में बतौर कप्तान खेली शिखा को मलाल है कि बेहतर प्रदर्शन के बावजूद चयनकर्ताओं ने उसके खेल व वरिष्ठता को दरकिनार किया है। जिसके चलते उसका चयन प्रदेश की महिला हैंडबाल टीम के लिए नहीं हो पाया है।
ऊना कॉलेज में बीए के पांचवे सत्र में अध्ययनरत शिखा ने वीरवार को कॉलेज परिसर में चयन पर सवाल उठाए और कहा कि राज्य स्तरीय टीम में ऊना की तीन खिलाडिय़ों को स्थान दिया गया है जबकि वह हिमाचल विश्वविद्यालय की टीम में सिलेक्ट होने के मापदंड पूरे करती है।
शिखा ने आरोप जड़ा कि टीम के लिए एक सिफारशी खिलाड़ी का चयन किया है, जो कि सरासर गलत है। शिखा ने कहा कि चयनकर्ताओं में से एक महिला कोच ने मुझे यह तक कहा कि तुम इतनी प्रतियोगिताओं खेल चुकी हो, इसलिए तुम्हें खेलने की जरूरत नहीं है। शिखा का कहना है कि कि खेल मेरा जीवन है और खेल के लिए ही मैं मेहनत कर रही हूं। शिखा ने इसकी शिकायत कॉलेज प्राचार्य डा. एसके चावला से भी की है। उधर, जिला एनएसयूआई के अध्यक्ष अजय चौधरी ने कहा कि हैंडबाल की एचपीयू टीम के चयन को लेकर ऊना कॉलेज की कप्तान शिखा के साथ अन्याय हुआ है।
उन्होंने कहा कि शिखा ने एनएसयुआई से भी मामला उठाया है। इस मामले में छात्रा को इंसाफ मिलना चाहिए। यदि जांच न हुई, तो एनएसयूआई संघर्ष करेगी। उधर, कालेज के प्राचार्य डॉ. एसके चावला ने कहा कि मामले को लेकर उनके पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।