जानिए, कितना खतरनाक है दो मिनट का मैगी का जायका
मैगी की गुणवत्ता को लेकर उठे विवाद के चलते अब देशभर में मैगी के सैंपल भरे जा रहे हैं। आप भी जान लीजिए कितना खतरनाक है दो मिनट का मैगी का जायका।
जानिए, कितना खतरनाक है दो मिनट का मैगी का जायका
आईजीएमसी शिमला के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ रमेश ने कहा कि मैगी में मोनो सोडियम ग्लूटामेट यानी अजीनो मोटो एक सोडियम साल्ट है। मैगी और इसी तरह के अन्य उत्पादों में इस सॉल्ट की मात्रा अधिक होने पर मोटापा, ब्रेन डैमेज, नर्व सिस्टम में गड़बड़ी होना जैसी बीमारियां पनपती हैं।
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लीवर का डैमेज होना। इसके अलावा मानसिक और शारीरिक ग्रोथ पर भी असर पड़ता है। बच्चों का बौद्घिक विकास रूक जाता है।
जानिए, कितना खतरनाक है दो मिनट का मैगी का जायका
घटिया उत्पादों का टेस्ट अच्छा बनाने के लिए कंपनियां इस सॉल्ट का अधिक मात्रा में इस्तेमाल करती हैं।
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इन प्राकृतिक चीजों में भी होता है एमएसजी- अगर आपको लगता है कि वे आहार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं जिनमें एमएसजी होता है तो यह जानकर आप हैरान हो जाएंगे कि कुछ आहारों में प्राकृतिक रूप से भी मोनो सोडियम ग्लूटामेट होता है। आलू, टमाटर, मशरूम, अंगूर, पनीर आदि में एमएसजी होता है। हालांकि एमएसजी की एक सीमित मात्रा नुकसानदेह नहीं होती लेकिन यदि इसे अधिक मात्रा में लिया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं है।