मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने शनिवार को मनाली से 18वीं मारुति सुजुकी रेड डी हिमालया रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली दुनिया के सबसे ऊंचे इलाके में हो रही है। इस साल रैली में काजा मार्ग की कड़ी चुनौतियां हैं। सात दिन की रैली में प्रतिभागियों को सरचू से लेह तक जाना है।
यह रैली कुल लगभग 2000 किलोमीटर की है। रैली में मोटर स्पोर्ट्स के 240 से अधिक दीवानों की 155 टीमें हैं। इसका समापन 15 अक्तूबर को मनाली में पुरस्कार वितरण के साथ होगा। 17,500 फुट की भयानक ऊंचाई पर रैली के भागीदारों को माइनस 15 डिग्री सी तापमान का भी सामना करना होगा।
दोनों एक्सट्रीम कंडिशन हैं। इसमें वाहनों के साथ प्रतिभागियों की मानसिक स्फूर्ति और शारीरिक सहनशीलता की अग्नि परीक्षा होगी। प्रतिभागियों के लिए तीन कैटेगरी हैं - कार्स एक्सट्रीम, बाइक्स एक्सट्रीम और एडवेंचर ट्रायल।
मारुति सुजुकी का कांपेक्ट एसयूवी विटारा ब्रेजा भी पहली बार रैली में दिखेगी। ब्रेजा पहले ही पूरे भारत में टीएसडी रैलियों में पहचान बना चुकी है। यह सबसे कठिन मोटर स्पोर्ट्स रैली है। इसमें प्रतिभागी और उसकी मशी (वाहन) के बीच बेजोड़ तालमेल जरूरी है।
कार और बाइक दोनों कैटेगरी के प्रतिभागियों के बीच एक-एक सेकेंड की बढ़त के लिए कड़ी चुनौती होगी। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) विनय पंत ने कहा कि 18वीं मारुति सुजुकी रेड द हिमालया रैली दुनिया की सबसे अधिक चुनौती भरी ऑफ-रोड मोटर रैलियों में एक है।