सोने-चांदी से सजे देवी-देवताओं के रथ। देव ध्वनियों पर देवी-देवताओं के साथ मदमस्त नाचते-गाते देवलु। चहुं ओर ढोल-नगाड़े, शहनाई, रणसिंघा, घंटी, थाल और करनाल की सुरमयी गूंज। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी में राजदेवता माधोराय की शाही जलेब में देवलोक से इस नजारे की एक झलक पाने के लिए आस्था ऐसी उमड़ी कि छोटी काशी छोटी पड़ गई। माधोराय मंदिर से पड्डल मैदान तक हर तरफ लोग ही लोग दिखाई दिए। छोटी काशी में पांव धरने तक की जगह नहीं बची। जलेब को देखने के लिए भी लोगों को बहुत अधिक जद्दोजहद करनी पड़ी। जलेब देखने के लिए पहले से ही अधिकतर लोग अपने लिए जगह बुक कर चुके थे।
मंडी महाशिवरात्रि महोत्सव: 181 से अधिक देवी-देवता पहुंचे, देव ध्वनियों से गूंज उठी छोटी काशी, देखें तस्वीरें
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जलेब का पूरा आनंद उठाने के लिए लोगों को मकानों की छतों, दीवारों और जहां पर भी ऊंचाई वाली जगह दिखाई दी वहां पर खड़े होकर जलेब का शानदार नजारा देखा। कुछ लोग तो जान की परवाह किए बगैर छतों से लटक गए। कुछ ऐसी जगह चढ़ गए जहां से गिरकर वह चोटिल हो सकते थे।
देवलुओं की नाटी ने किया आकर्षित
शाही जलेब के दौरान देवी-देतवाओं के साथ आए देवलुओं ने जमकर नाटियों डालीं। उनकी नाटियों को देखकर हर कोई बेताब दिखा। कई लोग उनको झूमते हुए देख खुद को रोक नहीं पाए और खुद भी ढोल-नगाड़ों पर नाचने लगे।
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के शुभारंभ तक छोटी काशी में 181 से अधिक देवी-देवता मंडी में पहुंच चुके हैं। पड्डल मैदान में देव मिलन का भव्य नजारा देखने को मिल रहा है। अब इस मैदान पर भी देव ध्वनियां पूरा दिन गूंजेंगी। पहले दिन पड्डल मैदान में बनाए देव स्थलों पर 25 देवी-देवताओं ने स्थान ग्रहण कर लिया।
उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद भी दिया। आज सभी देवी-देवता पड्डल मैदान में अपने-अपने स्थानों पर विराजमान हो जाएंगे। कुछ देवी-देवताओं का स्थान प्रभावित होने के बाद प्रशासन और देवता कमेटी द्वारा उनको नए स्थान उपलब्ध करवाए हैं। अब दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु जहां देवी-देवताओं के पास शीश नवाएंगे, वहीं मैदान में सजे मेले का भी लुत्फ उठाएंगे।