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हिमाचल में बारिश का कहर: 85 सड़कें बंद, 59 ट्रांसफार्मर ठप, छह पेयजल योजनाएं प्रभावित; अब तक 438 लोगों की मौत
Mon, 07 Sep 2026 10:43 AM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 07 Sep 2026 10:43 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 7 सितंबर सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 85 सड़कें बंद हैं। 59 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं, जबकि छह पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। मंडी में सबसे अधिक 36 और कुल्लू में 22 सड़कें बंद हैं।
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हिमाचल में मानसून का कहर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश का असर अभी थमा नहीं है। लगातार हो रही बारिश के बीच सोमवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित रहीं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 7 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 85 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 59 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित हैं और छह पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
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बारिश से सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में दिखाई दे रहा है। यहां 36 सड़कें बंद हैं। इनमें सेराज में 30, सुंदरनगर में एक, सरकाघाट में तीन और थलौट में दो सड़कें शामिल हैं। इसके साथ ही जिले में 40 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। जोगिंद्रनगर में ही 35 ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं। कुल्लू में 22 सड़कें बंद हैं। जिला रिपोर्ट के अनुसार कुल्लू उपमंडल में चार, बंजार में दो, आनी में 12 और निरमंड में चार सड़कें अवरुद्ध हैं। निरमंड क्षेत्र में 10 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं।
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कांगड़ा में भी बारिश के कारण सात सड़कें बंद हैं। इनमें कांगड़ा उपमंडल की एक, शाहपुर की चार, पालमपुर की एक और देहरा की एक सड़क शामिल है। किन्नौर में सात सड़कें बंद होने के साथ कलपा क्षेत्र में सात बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं। रिपोर्ट में पुरवानी, काशंग इंटेक साइट और तेलंगी क्षेत्र को प्रभावित क्षेत्र बताया गया है।
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सिरमौर में 13 सड़कें बंद हैं। नाहन में पांच, राजगढ़ में दो और संगड़ाह में छह सड़कें प्रभावित हैं। शिमला में रामपुर और सुन्नी उपमंडल की एक-एक यानी कुल दो सड़कें बंद हैं। यहां दो ट्रांसफार्मर और पांच पेयजल योजनाएं भी प्रभावित बताई गई हैं। चंबा में एक पेयजल योजना बाधित है, जबकि लाहौल-स्पीति के उदयपुर में एक सड़क बंद है। सोलन के कसौली उपमंडल में एक और ऊना में तीन सड़कें बंद हैं।
मानसून में अब तक 438 लोगों की मौत
राज्य सरकार के संचयी नुकसान आंकड़ों के अनुसार 30 जून से 6 सितंबर 2026 तक मानसून अवधि में आपदा से 110 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, करंट लगने, पेड़ या चट्टान से गिरने समेत अन्य कारण शामिल हैं। इसके अलावा सड़क हादसों में 164 लोगों की मौत हुई है।
कुल नुकसान की बात करें तो राज्य में मानसून के दौरान अब तक 1,24,273.23 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में निजी और सार्वजनिक संपत्ति, सड़क, बिजली, पेयजल समेत विभिन्न क्षेत्रों को हुए नुकसान का विवरण दिया गया है। फिलहाल प्रदेश में बारिश से प्रभावित सड़कों और अन्य जरूरी सेवाओं को बहाल करने की चुनौती बनी हुई है। सुबह 10 बजे की स्थिति में सबसे ज्यादा सड़क बाधित होने वाले जिलों में मंडी और कुल्लू आगे हैं।
राज्य सरकार के संचयी नुकसान आंकड़ों के अनुसार 30 जून से 6 सितंबर 2026 तक मानसून अवधि में आपदा से 110 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, करंट लगने, पेड़ या चट्टान से गिरने समेत अन्य कारण शामिल हैं। इसके अलावा सड़क हादसों में 164 लोगों की मौत हुई है।
कुल नुकसान की बात करें तो राज्य में मानसून के दौरान अब तक 1,24,273.23 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में निजी और सार्वजनिक संपत्ति, सड़क, बिजली, पेयजल समेत विभिन्न क्षेत्रों को हुए नुकसान का विवरण दिया गया है। फिलहाल प्रदेश में बारिश से प्रभावित सड़कों और अन्य जरूरी सेवाओं को बहाल करने की चुनौती बनी हुई है। सुबह 10 बजे की स्थिति में सबसे ज्यादा सड़क बाधित होने वाले जिलों में मंडी और कुल्लू आगे हैं।