केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने हिमाचल के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज समेत सभी प्रदेश के शिक्षा मंत्रियों और सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बैठक की। बैठक में लॉकडाउन के बाद स्कूलों को खोलने के लिए हिमाचल ने अपने प्रस्ताव से अवगत करवाया। इस दौरान कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
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शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने हिमाचल सरकार को सलाह दी है कि हिमाचल में लॉकडाउन खुलने के बाद ही स्कूल खोलने पर विचार करें। सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग में निशंक ने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सहित अन्य गतिविधियां शुरू होने पर ही स्कूल खोले जाए। इस दौरान मौजूद शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार इस पर दो मई को होने वाली कैबिनेट बैठक में फैसला लेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों से इस बार कोई गैर शिक्षण कार्य नहीं लिया जाएगा, ताकि स्कूल खुलते ही शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने पर फोकस कर सकें। सरकार का सिलेबस कम करने का भी कोई विचार नहीं है। लॉकडाउन लंबा चलता है तो ही इस बारे में सोचेंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद शिक्षा मंत्री भारद्वाज ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते स्कूल बंद होने से आने वाले दिनों में शैक्षणिक दिवस पूरे करने के लिए हर माह के दूसरे शनिवार सहित कुछ अन्य छुट्टियां कम की जा सकती हैं।
स्कूलों में पढ़ाई का समय भी बढ़ाया जा सकता है। भारद्वाज ने कहा कि दो मई को प्रस्तावित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में भी स्कूल खोलने के सभी विकल्पों के प्रस्तावों से सरकार को अवगत करवाया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री को व्हाट्सऐप और दूरदर्शन से करवाई जा रही पढ़ाई की जानकारी दी। ऑल इंडिया रेडियो से भी पढ़ाई के प्रस्ताव से अवगत करवाया।
शिक्षक स्कूलों में करेंगे ऑनलाइन पढ़ाई की समीक्षा
लॉकडाउन हटने के बाद बच्चों के आने से पहले शिक्षक स्कूलों में रहकर ऑनलाइन पढ़ाई की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों के अनुसार स्कूल खुलने पर प्रार्थना सभाओं पर रोक रहेगी। कक्षाएं सुबह-शाम दो शिफ्ट में लगेंगी। जहां बच्चों की संख्या अधिक है, वहां एक दिन छोड़कर भी कक्षाएं लगाई जा सकती हैं। एक कक्षा के बच्चों को दो कमरों में बिठाकर पढ़ाने की योजना है।