हिमाचल प्रदेश में सुहागिनों ने करवाचौथ का त्योहार धूमधाम से मनाया। राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर करवाचौथ पर गुरुवार रात को हजारों महिलाओं ने चांद का दीदार कर व्रत खोला और पूजा अर्चना की। सुहागिनों ने पति की दीर्घायु की दुआएं मांगीं। देर रात तक मालरोड और रिज मैदान पर लोगों की चहल-पहल लगी रही। सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखने के लिए पुलिस की तैनाती की गई थी। देर शाम 6: 00 बजे से ही महिलाएं सज संवरकर रिज मैदान पर पहुंचना शुरू हो गई थीं।
करवाचौथ पर रिज और मालरोड पर दुकानों को आकर्षक तरीके से सजाया था। शाम 7: 00 बजे के बाद रिज और मालरोड पर भीड़ बढ़ गई। स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में सैलानी भी शाम के समय रिज मैदान और मालरोड पर पहुंचे। शहर में सबसे पहले चांद का दीदार रिज मैदान से ही होता है, इसलिए न सिर्फ बाजार के इर्दगिर्द रहने वाली महिलाएं बल्कि उपनगरों से भी महिलाएं व्रत खोलने के लिए रिज मैदान पर पहुंचीं।
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शिमला के रिज पर लगा सुहागिनों का मेला
- फोटो : अमर उजाला
रात 8:10 बजे हुआ चांद का दीदार
करवाचौथ का त्योहार शिमला में महिलाओं ने उत्साह के साथ मनाया। रात 8:10 बजे रिज मैदान पर सुहागिनों ने चांद का दीदार करने के बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत पूरा किया। ऐतिहासिक रिज मैदान पर हजारों की तादाद में लाल जोड़ा पहनकर सुहागिनें चांद का दीदार करने पहुंची थीं।
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मोबाइल पर पति का चेहरा देख तोड़ा व्रत।
- फोटो : अमर उजाला
सुहागिनों ने चांद निकलते ही पति के साथ सेल्फी लेकर यादगार पल अपने मोबाइल में कैद किए। दोपहर बाद कृष्णानगर में पूजा की थाली सुहागिनों को बांटी गईं। रिज मैदान पर निजी संस्था की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
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रिज पर खेला डांडिया।
- फोटो : संवाद
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सैलानियों ने खूब मस्ती की।वीकेंड से पहले शिमला में सैलानियों की आवाजाही बढ़नी शुरू हो गई है। दशहरे की छुट्टियों के चलते बड़ी संख्या में सैलानी शिमला का रुख कर रहे हैं। शिमला के अलावा साथ लगते पर्यटन स्थलों मशोबरा, नालदेहरा, कुफरी और नारकंडा में भी सैलानियों की आवाजाही में बढ़ोतरी हुई है।
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रिज पर पर्यटकों का डांस।
- फोटो : अमर उजाला
शहर के कालीबाड़ी, राम मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर में सुबह से स्थानीय जोड़ों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। दंपतियों ने यहां पर विशेष पूजा अर्चना की। शिमला में पति की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने सुबह संकल्प लेकर दिनभर निर्जला व्रत किया। दिन में शहर के विभिन्न मंदिरों में सुहागिनों ने पूजा अर्चना की।