भारी भूस्खलन से सोमवार देर शाम आठ बजे से बंद शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग 18 घंटे बाद मंगलवार दोपहर दो बजे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। कंडाघाट से शिमला की तरफ पांच किलोमीटर दूर टिक्करी मोड़ पर एनएच पर मोटी दरारें आ गई थीं, जिसकी वजह से इस हाईवे को बंद कर दिया गया था। टिक्करी मोड़ पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फोरलेन के लिए कटिंग की गई है। सोमवार शाम के समय क्यारी मोड़ पर पथरीली पहाड़ी से भूस्खलन हो गया, जिससे एनएच की पक्की सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे 18 घंटों बाद बहाल, लंबे जाम से परेशान हुए लोग, देखें तस्वीरें
टिक्करी मोड़ पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फोरलेन के लिए कटिंग की गई है। सोमवार शाम के समय क्यारी मोड़ पर पथरीली पहाड़ी से भूस्खलन हो गया, जिससे एनएच की पक्की सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया। वहीं, जिला सोलन व शिमला प्रशासन ने देर रात ही ट्रैफिक डायवर्ट तो कर दिया, लेकिन पहले ही हाईवे पर फंसे भारी वाहनों के चलते कई किलोमीटर तक जाम लग गया।
सड़क बहाली में लगाई आधुनिक मशीनरी
राजमार्ग अथॉरिटी व एरिफ कंपनी ने सड़क बहाली के लिए बंद सड़क के दोनों तरफ भारी क्षमता की दो चेन वाली जेसीबी, मिट्टी ढोने के लिए आठ बड़े टिपर, सफाई मशीन, रोलर व अन्य मशीनरी के साथ लेबर का प्रयोग किया।
क्या कहते हैं इंजीनियर
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के तकनीकी महाप्रबंधक सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि कटिंग के कारण पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ जिससे प्राकृतिक तरीके से सड़क पर दरारें पड़ी हैं। उन्होंने बताया कि यह भूस्खलन वाला क्षेत्र है। कटिंग पूरी होते ही ऊपर की तरफ डंगे लगाने का काम किया जाएगा।
लंबे जाम से लोग परेशान
राजमार्ग बंद होने के बाद पुलिस ने कंडाघाट में शिमला की तरफ जाने वाले वाहनों को रोक दिया। इसके बाद कंडाघाट से सोलन की तरफ और टिक्करी से शिमला की तरफ दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। सड़क बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। शिमला के लिए वैकल्पिक सड़क कंडाघाट-साधुपुल-जुन्गा-शिमला में छोटे वाहनों की भारी आवाजाही रही और इसमें जगह-जगह भारी जाम लगा रहा।