हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की 25 दिसंबर को होने वाली पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती की लिखित परीक्षा से दो दिन पहले पेपर लीक हो गया। जिस महिला पर पेपर लीक करने का आरोप है, वह चयन आयोग की गोपनीय शाखा में वरिष्ठ सहायक के पद पर लंबे समय से कार्यरत है। एक अभ्यर्थी की शिकायत पर विजिलेंस ने महिला और उसके बेटे समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आयोग ने परीक्षा भी रद्द कर दी है। आयोग ने मई 2022 में 198 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। अक्तूबर में 121 पद और जोड़े गए। 319 पदों के लिए 476 परीक्षा केंद्रों में 1,03,344 अभ्यर्थियों ने परीक्षा देनी थी। लेकिन यह पहली बार नहीं जब हिमाचल में किसी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ हो। इससे पहले भी कई बार पेपर लीक हो चुके हैं जोकि सभी के लिए चिंता का विषय है। जानिए, हिमाचल में कब-कब लीक हुए भर्ती व अन्य परीक्षाओं के पेपर...
Paper Leak Himachal: हिमाचल में पहले भी लीक हो चुके हैं कई पेपर, रद्द करवानी पड़ीं ये परीक्षाएं
2019 में रद्द हो गई थी पुलिस भर्ती
पूर्व जयराम सरकार के कार्यकाल में अगस्त 2019 को आयोजित हुई पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान परौर सत्संग भवन में बने परीक्षा केंद्र में चार युवक दूसरे का पेपर देते रंगे हाथ पकड़े गए थे, जबकि दो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से परीक्षा देते धरे गए। बाद में परीक्षा को रद्द करना पड़ा था। 11 अगस्त को पुरुष व महिला पुलिस कांस्टेबलों के 1063 पदों के लिए प्रदेश भर में लिखित परीक्षा ली गई थी। पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े में नकल करने, नकल करवाने और मुख्य आरोपी को भगाने में मदद करने वालों सहित 34 लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में कोर्ट में चालान पेश कर उन पर मुकदमा चलाया गया, जिनमें से अब लगभग सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
2022 में पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर फिर हुआ लीक
इसके बाद हिमाचल पुलिस कांस्टेबल के पदों 1334 पदों के लिए 27 मार्च 2022 को परीक्षा हुई थी। 6 मई को यह परीक्षा विवादों के बाद रद्द हो गई। पुलिस और सीआईडी ने मामले दर्ज किए तो 31 मई को पांच आरोपियों की पहली बार गिरफ्तारियां हुईं। अब तक 181 लोगों के खिलाफ कांगड़ा, शिमला और मंडी में तीन चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं। पुलिस भर्ती के तार राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश आदि तक जुडे़। नेपाल सीमा से भी एक आरोपी को पकड़कर लाया गया। हिमाचल में तो सभी जिलों में इसके तार जुडे़ रहे। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छह माह बाद दो एफआईआर दर्ज कीं। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ये दोनों एफआईआर चंडीगढ़ ब्रांच में पंजीकृत की थीं। अब सीबीआई मामले की जांच कर रही है।
एचपीयू की यूजी प्रश्नपत्र के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही खुल गए थे
एचपीयू की 7 अप्रैल 2022 को होने वाली यूजी की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र 4 अप्रैल को ही खोल दिए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश विश्वविद्यालय के यूजी प्रथम और द्वितीय वर्ष के प्रश्नपत्र प्रदेश के 22 कॉलेजों में लीक हुए थे। इनमें कुछ कॉलेजों में प्रश्नपत्र गायब पाए गए, जबकि कुछ में इन्हें खोल दिया गया या फिर नष्ट कर दिया गया था। इसका खुलासा कुलपति प्रो. एसपी बंसल की ओर से मामले की जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट में हुआ है। बाद में परीक्षा रद्द कर दोबारा करवाई गई।
पांचवीं कक्षा के हिंदी विषय का पेपर भी हुआ था लीक
शिक्षा बोर्ड की पांचवीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा का प्रश्न पत्र 2020 में एक दिन पहले ही लीक हो गया था। हिंदी का पेपर 18 मार्च को होना था, लेकिन निजी स्कूल ने 17 मार्च को छ्ट्टी के ही दिन पेपर करवा दिया। जब इसकी जानकारी प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को लगी तो निदेशालय ने हिंदी का पेपर पूरे प्रदेश में रद्द कर दिया।