जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हिमाचल का एक और जवान शहीद हो गया है। कश्मीर के गुरेज सेक्टर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से किन्नौर केे साहिल कुमार (24) देश पर कुर्बान हो गए। बीते बुधवार को निगुलसरी के ननस्पो गांव के साहिल को सीमा पर गोली लगी। गुरुवार को शहीद का पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से चंडीगढ़ लाया गया। रात 11:30 बजे सड़क मार्ग से उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव ननस्पो पहुंचा।
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शहीद साहिल कुमार की अंतिम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार 11 बजे सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इस गबरू को अंतिम विदाई देने के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। अधिकारियों, सेना के जवानों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। जानकारी के मुताबिक बुधवार को कश्मीर के गुरेज सेक्टर में आतंकी मुठभेड़ के दौरान19 डोगरा में तैनात साहिल कुमार ने भी मोर्चा संभाला था।
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शहीद साहिल कुमार की अंतिम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान आतंकियों की गोली उन्हें लग गई और वह शहीद हो गए। शुक्रवार को उनके अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद और भारत माता की जयघोष के नारे लगाए। शहीद को सेना की अवेरी पट्टी से आई टुकड़ी ने सलामी दी। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे साहिल छह वर्ष पहले ही सेना में भर्ती हुए थे। अभी साहिल का विवाह भी नहीं हुआ था।
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शहीद साहिल कुमार की अंतिम यात्रा
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साहिल ने बुधवार को ही अपने भाई विपन और मां से बात कर घर का कुशलक्षेम पूछा था। इसके बाद सुबह 11:02 पर फिर से अपने भाई विपन से बात कर माता-पिता का ख्याल रखने को कहा था।
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विपन अभी भी यकीन नहीं कर पा रहा है कि साहिल अब इस दुनिया में नहीं है। वहीं साहिल की शहादत के बाद परिवार और उसके रिश्तेदारों पर भी दुखों का पहाड़ टूट गया है। साहिल के पिता भागसुख, माता सेवादासी, बहन चिंता देवी और विशेष कुमारी रो-रोकर बेहाल हैं।