मौसम विभाग के अलर्ट के बीच शिमला, सिरमौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिले समेत हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में गुरुवार को भारी बर्फबारी हुई। इससे प्रदेश में तीन एनएच दारचा से सरचू, ग्रांफू से लोसर और शिमला-रामपुर समेत 460 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं। इसके अलावा 642 बिजली ट्रांसफार्मर और 38 पेयजल योजनाएं ठप पड़ गईं। प्रदेश में हवाई उड़ानें भी बंद रहीं। लाहौल-स्पीति के दारचा में बुधवार रात दो हिमखंड गिरे हैं।
हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है। रोहतांग समेत लाहौल के कई क्षेत्रों में साढ़े तीन फीट तक हिमपात हुआ है। शुक्रवार को भी प्रदेश के मध्यवर्ती और ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। पांच फरवरी को मौसम साफ रहेगा। तापमान गिरने से प्रदेश में फिर कड़ाके की ठंड हो गई है। खराब मौसम ने फिर से दुश्वारियां बढ़ा दी हैं, लेकिन सेब बागवानों और पर्यटकों की इससे बांछें खिली हैं। सेब की फसल के लिए चिलिंग ऑवर्स पूरे हो गए हैं।
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बर्फबारी के बीच वाहन हो रहे स्किड।
- फोटो : अमर उजाला
इससे इस साल सेब का अच्छा उत्पादन होने की आस है। कांगड़ा में भी नड्डी, मुल्थान, बीड़ बिलिंग सहित धौलाधार की पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई है। लाहौल और पांगी-किलाड़ का कुल्लू-मनाली से संपर्क कट गया है।
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बर्फबारी से यातायात ठप।
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लाहौल और कुल्लू में दो हाईवे के साथ करीब 200 सड़कें और संपर्क मार्ग बंद हैं। कुल्लू में 140 ट्रांसफार्मर बंद हैं। जिला चंबा में हाइवे पर मैहला के समीप बारिश से दोबारा भूस्खलन हुआ है।
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बर्फ में फिसली बस।
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सोलन-मीनस सड़क पर रनवा गांव के पीछे एक निजी बस बर्फ पर फिसलने से खाई की तरफ मुड़ गई। हादसे से 18 यात्री बाल-बाल बच गए। सिरमौर के ऊपरी इलाकों में भारी हिमपात से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
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लाहौल में बर्फबारी।
- फोटो : संवाद
गिरिपार का इलाका जिला मुख्यालय समेत शेष हिमाचल से कट गया है। चूड़धार में दो फीट हिमपात हुआ है। हरिपुरधार में करीब एक फीट, खड़ाह में डेढ़ फीट और मां भंगायनी मंदिर के पास 15 इंच हिमपात हुआ है।क्षेत्र के सैकड़ों गांव में सुबह नौ बजे से बिजली आपूर्ति ठप हो गई।