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हिमाचल: सितंबर 2024 में बनी थीं लेफ्टिनेंट, अब सेना में कैप्टन बनीं जुब्बड़ की शिवानी; सुन्नी से करसोग तक खुशी
Sun, 20 Sep 2026 01:16 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:16 PM IST
सार
शिमला ग्रामीण की सुन्नी तहसील की नीन पंचायत के जुब्बड़ गांव की शिवानी शर्मा ने भारतीय सेना में कैप्टन बनकर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने सितंबर 2024 में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति हासिल की थी। अब कैप्टन बनने पर नीन पंचायत के साथ सुन्नी और करसोग क्षेत्र में खुशी का माहौल है। शिवानी ने अपनी सफलता का श्रेय पति और सास-ससुर के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन को दिया है।
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शिवानी शर्मा बनीं भारतीय सेना में कैप्टन
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल की बेटियां लगातार अपनी मेहनत और प्रतिभा से नई मिसाल कायम कर रही हैं। शिमला ग्रामीण की सुन्नी तहसील के जुब्बड़ गांव की शिवानी शर्मा ने भारतीय सेना में कैप्टन बनकर परिवार के साथ पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि की खबर सामने आते ही नीन पंचायत से लेकर सुन्नी और करसोग क्षेत्र तक खुशी का माहौल है।
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शिवानी शर्मा ने सेना में अधिकारी बनने का सपना मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ पूरा किया। सितंबर 2024 में उन्होंने लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया था। इसके बाद अब उन्हें कैप्टन के पद पर पदोन्नति मिली है। कम समय में हासिल की गई इस उपलब्धि को लेकर क्षेत्रवासी शिवानी की मेहनत और समर्पण की सराहना कर रहे हैं।
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परिवार का मिला पूरा साथ
शिवानी शर्मा अपनी सफलता के पीछे परिवार के सहयोग को सबसे अहम मानती हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने सास-ससुर जयन्ती शर्मा और धर्म प्रकाश शर्मा तथा अपने पति मनीष शर्मा को दिया है। शिवानी के अनुसार परिवार की ओर से लगातार मिले प्रोत्साहन ने उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने में मदद की। परिवार के समर्थन और स्वयं की मेहनत के दम पर उन्होंने सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया और अब कैप्टन के पद तक पहुंची हैं।
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जुब्बड़ गांव में खुशी का माहौल
शिवानी शर्मा शिमला ग्रामीण की सुन्नी तहसील के नीन पंचायत के जुब्बड़ गांव की रहने वाली हैं। उनकी उपलब्धि की जानकारी मिलने के बाद पंचायत और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवानी की उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता से ग्रामीण क्षेत्र की दूसरी बेटियों को भी आगे बढ़ने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा मिल सकती है।
करसोग से भी जुड़ा है शिवानी का नाता
शिवानी शर्मा का मायका मंडी जिले के करसोग क्षेत्र की सपनोट पंचायत के कैथों गांव में है। वह खुशी राम शर्मा और मीना शर्मा की बेटी हैं। सेना में कैप्टन बनने की खबर से उनके मायके वाले क्षेत्र में भी खुशी है। सुन्नी से लेकर करसोग तक लोग शिवानी की इस उपलब्धि को गर्व के रूप में देख रहे हैं।
पंचायत ने दी बधाई
नीन पंचायत के प्रधान घनश्याम कुमार ने शिवानी शर्मा को इस उपलब्धि पर बधाई दी। पंचायत की ओर से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवानी ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और परिवार का सहयोग मिले तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल कर सकती हैं।
भारतीय सेना में कैप्टन बनने की शिवानी शर्मा की उपलब्धि अब उनके गांव और दोनों क्षेत्रों के लिए प्रेरणा की कहानी बन गई है। परिवार के समर्थन, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उन्होंने जिस तरह सेना में अपनी पहचान बनाई है, उससे क्षेत्र में गर्व का माहौल है।
शिवानी शर्मा का मायका मंडी जिले के करसोग क्षेत्र की सपनोट पंचायत के कैथों गांव में है। वह खुशी राम शर्मा और मीना शर्मा की बेटी हैं। सेना में कैप्टन बनने की खबर से उनके मायके वाले क्षेत्र में भी खुशी है। सुन्नी से लेकर करसोग तक लोग शिवानी की इस उपलब्धि को गर्व के रूप में देख रहे हैं।
पंचायत ने दी बधाई
नीन पंचायत के प्रधान घनश्याम कुमार ने शिवानी शर्मा को इस उपलब्धि पर बधाई दी। पंचायत की ओर से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवानी ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और परिवार का सहयोग मिले तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल कर सकती हैं।
भारतीय सेना में कैप्टन बनने की शिवानी शर्मा की उपलब्धि अब उनके गांव और दोनों क्षेत्रों के लिए प्रेरणा की कहानी बन गई है। परिवार के समर्थन, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उन्होंने जिस तरह सेना में अपनी पहचान बनाई है, उससे क्षेत्र में गर्व का माहौल है।