हिमाचल प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून ने प्रवेश करते ही तबाही मचाई है। इस बार पिछले साल के मुकाबले देरी से पहुंचे मानसून की पहली ही बारिश से शिमला में जगह-जगह भूस्खलन, मलबा आने से व्यापक नुकसान हुआ है। करीब आठ गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। शहर के मल्याणा, चमियाना, भट्ठाकुफर, मिनी कुफ्टाधार सहित अन्य स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। शहर के साथ लगते पंचायती क्षेत्र चमियाना में तीन गाड़ियां मलबे में दब गईं। ये गाड़ियां चमियाना-शुराला सड़क के किनारे नाले के पास खड़ी की गई थीं।
Monsoon in Himachal: मानसून की पहली ही बारिश से तबाही, भूस्खलन से नौ गाड़ियों को नुकसान, देखें तस्वीरें
बीती रात झमाझम बरसे बादल
गुरुवार रात को जुब्बड़हट्टी में 136.0, शिमला 84.0, गोहर 42.0, मशोबरा 38.0, सलापड़ 34.6, कुफरी 24.2, बिलासपुर 22.0, घागस 18.8, करसोग 18.2, काहू 16.0 और Pandoh में 12.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। देर रात हुई बारिश से गिरि में भी गाद आने से आपूर्ति घटी है। हालांकि ग्रामीण इलाकों में सूखे से बंद पड़ी पेयजल योजनाओं में फिर आपूर्ति शुरू होने से राहत मिली है।
कुनिहार-नालागढ़ मार्ग गुरुवार देर रात हुई भारी बारिश से बंद हो गया । एक बार फिर से गंबर पुल के पास काफी मात्रा में मलबा आया है। वहीं पुल को भी खतरा हो गया है। तीन दिन पहले यहीं पर बादल फटने से काफी नुकसान हुआ था। फिलहाल लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। सड़क को खोलने का काम जारी है।
सात दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट
#WATCH | Himachal Pradesh: Three vehicles were buried in sludge in the aftermath of the flood in the Chamiyana area of Shimla. pic.twitter.com/DaZCgxJHNr
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में आज से लगातार सात दिनों तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही अंधड़ चलने का अलर्ट है। विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के दौरान हिमाचल प्रदेश के शेष भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
4 जुलाई तक बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने का पूर्वानुमान है। 28 जून से 1 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। विभाग के अनुसार अगले 72 घंटों में बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन में भारी बारिश की संभावना है। इस साल मानसून सामान्य रहने के आसार हैं। जिला प्रशासन ने नदी-नालों के समीप न जाने की दी हिदायत जारी की है। एचआरटीसी चालकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।