हिमाचल में पिछले दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में तबाही मचाई है। दो नेशनल हाईवे समेत 100 के करीब संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान कांगड़ा, मंडी, चंबा और हमीरपुर जिले में हुआ है। खराब मौसम के चलते हवाई सेवाएं प्रभावित रहीं। सीएम का हेलीकाप्टर भी नहीं उड़ सका।
उन्हें सड़क मार्ग से चंबा पहुंचना पड़ा। मकानों, दुकानों और गोशालाओं को नुकसान हुआ है। प्रदेश के नदी-नाले उफान पर हैं। भाखड़ा समेत अन्य बांधों का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। बारिश को देखते कई जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है।
कांगड़ा के शाहपुर के नेरटी गांव में शनिवार रात भूस्खलन से एक मकान और छह गोशालाएं ढह गईं। गोशालाओं में बंधे 23 से अधिक पशु दब गए हैं। मकान में रहने वाले लोगों ने आधी रात को भाग कर जान बचाई। रक्कड़ और लंबागांव में दो दुकानें ढह गई हैं। लपियाणा पंचायत में खड्ड पर बना पुल पानी के तेज बहाव में बह गया। दो गांवों का संपर्क कट गया है।
मंडी की धर्मपुर तहसील के खेड़ी गांव में भारी बारिश से तीन गोशालाएं ध्वस्त हो गई हैं। ल्हासे गिरने से करीब एक दर्जन मकानों को खतरा हो गया है। जालंधर-मंडी वाया धर्मपुर और पठानकोट-मंडी एनएच बाधित हैं।
सड़क बहाल करते पारच्छु में अचानक चट्टानें गिरने से मजदूर बाल-बाल बचे। दो दर्जन संपर्क मार्ग अवरुद्ध चल रहे हैं। कोटरोपी में मूसलाधार बारिश से भारी मात्रा में मलबा पंदलाही गांव से सटी चट्टानों तक पहुंच गया। मलबे और पत्थरों के बहने की जोरदार आवाज से घबराए ग्रामीण घरों को छोड़ कर सतीधार जंगल रवाना हो गए। गांव से सटे जंगल में करीब 13 परिवारों ने खौफ के साए में रात बिताई।