हिमाचल प्रदेश में तीन दिन बारिश-बर्फबारी के बाद शुक्रवार को मौसम तो खुल गया, लेकिन दुश्वारियां बढ़ गई हैं। राज्य में शुक्रवार सुबह 10:00 बजे तक चार नेशनल हाईवे व 720 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। इसके अतिरिक्त 2,243 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। इससे कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट हो गया है। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बर्फबारी के बाद कई इलाकों में पानी की पाइपलाइन जमने से पेयजल का संकट गहरा गया है। नए साल ही पहली बर्फबारी के बाद शिमला शहर के सर्कुलर रोड सहित उपनगरों की सड़कों पर बर्फ जमने से शुक्रवार बसों सहित अन्य वाहनों की आवाजाही ठप रही।
Himachal Weather: बर्फबारी के बाद मौसम खुला पर दुश्वारियां बढ़ीं, 720 सड़कें और 2243 बिजली ट्रांसफार्मर ठप
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रोहतांग दर्रा में छह फीट बर्फ
#WATCH हिमाचल प्रदेश: मनाली में ताजा बर्फबारी हुई। pic.twitter.com/cCCPcIlPJC
रोहतांग दर्रा में छह फीट बर्फ दर्ज की गई है। जबकि अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल में साढ़े चार, नोर्थ पोर्टल में डेढ़, सोलंगनाला में तीन, जलोड़ी दर्रा में तीन और केलांग में एक फीट बर्फ दर्ज की गई है। वहीं, जिला कुल्लू के निचले इलाकों तक आधा फीट बर्फ हुई है। चंबा-जोत मार्ग पर लोक निर्माण विभाग बहाली का कार्य शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह मार्ग पर अत्यधिक बर्फबारी के चलते लोग पैदल ही आवाजाही करते नजर आए। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शैलेश कुमार ने बताया कि विभागीय मशीनरी मार्ग को बहाल करने में जुट गई है। जल्द ही मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवा दिया जाएगा।
बर्फबारी के बाद चुराह की सड़कें बंद, बहाली कार्य शुरू
चंबा जिले के चुराह उपमंडल के चांजू, चरड़ा, भंजराडू, तीसा, सनवाल, बैरागढ़, देवीकोठी, बिहाली, भराड़ा, हिमगिरि, आयल, जसौरगढ़, दियोला, झाज्जकोठी, सेईकोठी- बगेईगढ क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के बाद से चुराह की सभी सड़कें बंद हो चुकी हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड में लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। हालांकि, शुक्रवार की सुबह धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम खुलते ही लोक निर्माण विभाग की मशीनरी सुबह से बर्फबारी हटाने में जुट गई है। चुराह में तीसा- बैरागढ़, देवीकोठी-टेपा, तरेला-गुईला, तरेला-जुनास, तरेला-बौदेडी-मंगली, नकरोड़-भराड़ा, नकरोड़-चांजू, तीसा-सनवाल,भंजराडू- चनवास, नकरोड़-आयल, हिमगिरि-आयल, जसौरगढ-दियोला, शिकारी मोड़, गनेड़, बिहाली, शिकारी मोड़, नेरा, मांडका, नकरोड़-थल्ली मार्ग बर्फबारी से बंद पड़े हुए हैं। साथ ही क्षेत्र में 100 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हुए हैं।
बनीखेत में फंसी रहीं गाड़ियां
भरमौर-पठानकोट हाईवे पर फिसलन के कारण गाड़ियां बनीखेत में ही फंस गईं। शुक्रवार सुबह जिला मुख्यालय से बाहरी जिलों के लिए जाने वाली दर्जन भर बसें, मालवाहक वाहन समेत सैकड़ों छोटे वाहन हाईवे में फंसे रहे। फिसलन के कारण हाईवे पर दैनिक उपयोग से संबंधित सामान की गाड़ियां भी जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पाईं। बहरहाल, अब हाईवे प्रबंधन से ही इस समस्या के समाधान की उम्मीद है। जिला में बर्फबारी के चलते गुरुवार देर रात भरमौर-पठानकोट हाईवे पर यातायात व्यवस्था ठप पड़ गया था। हाईवे पर फिसलन के चलते चालकों ने भी हाईवे पर आवाजाही करने का रिस्क नहीं उठाया। वहीं, शुक्रवार सुबह भी बनीखेत के पास सैकड़ों छोटे और बड़े वाहन फिसलन अधिक होने के चलते फंसे रहे।
शिमला में बर्फ जमने से शीशा बनीं सड़कें
बर्फबारी के बाद शिमला खलीनी से टॉलैंड, छोटा शिमला, हिमलैंड, लिफ्ट मार्ग व लक्कड़ बाजार सड़क बर्फ जमने से शीशा बन गई। इस कारण वाहनों की आवाजाही ठप रही है। लोग धक्का लगाकर गाड़ियों को निकालने का प्रयास करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। सड़क पर जगह-जगह गाड़ियां फंसी रहीं। फिसलन इतनी ज्यादा है कि पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं। राजधानी में दूध, ब्रेड व अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति नहीं पहुंच सकी। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।