रोहतांग समेत लाहौल, कुल्लू और किन्नौर की चोटियों पर शुक्रवार को भी बर्फबारी का दौर जारी रहा। राजधानी शिमला में हल्के बादल छाए रहने से साथ धूप भी खिली। रोहतांग में 60, जलोड़ी दर्रा में 45 और सोलंगनाला में 20 सेंटीमीटर ताजा हिमपात दर्ज हुआ। राज्य में 265 सड़कें बंद हैं। कई भागों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। मौसम में आए बदलाव से केलांग, कल्पा, कुफरी और डलहौजी का न्यूनतम पारा माइनस में दर्ज हुआ। शुक्रवार सुबह जाखू की पहाड़ी बर्फ से सफेद नजर आई।
शिमला का न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी होने के आसार जताए हैं। 22 जनवरी तक प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना है। गुरुवार रात को प्रदेश के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। कुल्लू जिले की पहाड़ियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र हिमपात से लकदक हो गए हैं।
शुक्रवार दोपहर बाद रोहतांग सहित लाहौल व कुल्लू की ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरने का क्रम फिर शुरू हुआ। पागलानाला में भी मलबा आने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित हुआ। खराब मौसम के चलते शुक्रवार को जिले से हवाई उड़ानें भी नहीं हो सकीं। जिला चंबा और किन्नौर की ऊपरी चोटियों में भी देर रात बर्फबारी हुई।
बनीखेत-चौहडा-भलेई छांणा मोड़ के पास भूस्खलन होने से यातायात के लिए बाधित पड़ गया। बीती रात कुफरी में बर्फबारी से शिमला का रामपुर से संपर्क कटा रहा। नारकंडा एनएच-5 से वाहनों की आवाजाही बंद है। शिमला के लिए वाहनों के वाया बंसतपुर भेजा जा रहा है। किन्नौर के लिए टापरी तक ही बसें भेजी गईं।
बर्फबारी से किन्नौर जिले की भावा वैली में बिजली सप्लाई लोगों के लिए सिरदर्द बनीं हुई है। बेहतर बिजली सेवा मुहैया करवाने के सरकारी दावे भावा वैली में हवा हो रहे हैं। भावा वैली के 14 गांवों में बिजली सप्लाई व्यवस्था सुधरने की बजाए दिन प्रतिदिन खराब हो रही है। बोर्ड कर्मियों के बिजली सप्लाई बहाल करने में पसीने छूट रहे हैं। भावावैली के लोग बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।