मां-बेटी की एक ही माह में सरकारी नौकरी लगना किसी संयोग से कम नहीं है। इनकी सफलता की चर्चा हर किसी की जुबां पर है। छोटे से गांव की रीता ने जहां कड़ी मेहनत कर खुद मुकाम हासिल किया, बल्कि अपनी बेटी को भी पढ़ा लिखाकर आत्मनिर्भर बनाया। मां-बेटी ने एक साथ सरकारी नौकरी हासिल कर महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश की है।
गलोड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत नारा के गांव ज्याणा (खरूणी) की रहने वाली रीता कुमारी और उनकी बेटी शिवानी ने एक साथ सरकारी नौकरी हासिल की है। रीता कुमारी पत्नी सुनील कुमार की नियुक्ति शिक्षा विभाग में टीजीटी आर्ट्स के तौर पर हुई है। बेटी शिवानी का चयन आईटीबीपी में हुआ है। शिवानी को इसी माह देश की सेवा करने के आदेश मिले हैं। शिवानी ने बीएससी की है और बीएड का अंतिम सेमेस्टर चल रहा है।
देश सेवा का जज्बा शिवानी चौहान को अपने दादा से मिला। परिवार में दादा सेना में रहे हैं। प्रदेश से सामान्य वर्ग के लिए एक ही पद था। जिस पर शिवानी की तैनाती हुई है। शिवानी की प्रारंभिक शिक्षा आकाश मॉडल स्कूल लहड़ा, बारहवीं की शिक्षा सीसे स्कूल गलोड़ और बीएससी राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर से पूरी की। शिवानी ने बताया कि 13 जनवरी 2019 को उसका मेडिकल फिटनेस टेस्ट हो गया था लेकिन कोरोना संकट की वजह से एक साल इंतजार करना पड़ा।
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आईटीबीपी में चयनित शिवानी।
- फोटो : अमर उजाला
शिवानी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से सेना में अभी तक नाममात्र की लड़कियां हैं। देश सेवा करने में अलग ही मजा है। रीता ने लाइब्रेरी साइंस में स्नातक व हिंदी में स्नातकोतर डिग्री हासिल की है। रीता ने टेट परीक्षा भी पास की है। सरकारी नौकरी के लिए रीता को लगभग बीस साल का इंतजार करने के बाद यह अवसर हासिल हुआ।
रीता बच्चों के भविष्य के प्रति हमेशा सचेत रहती थीं कि उन्हें बेरोजगारी का सामना न करना पड़े। मां-बेटी की एक साथ सरकारी नौकरी लगने से परिवार में खुशी का माहौल है। शिवानी की छोटी बहन बीटेक और भाई नवोदय विद्यालय में 11वीं कक्षा में पढ़ रहा है। शिवानी के पिता प्राइवेट स्कूल संचालक हैं।