कोरोना काल में बंदिशें खत्म होने के बाद हिमाचल आ रहे सैलानी शहरों के बड़े होटलों के स्थान पर बाहरी इलाकों के होमस्टे में ठहरने को तवज्जो दे रहे हैं। बीते तीन वीकेंड के दौरान हिमाचल के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंचे सैलानियों में से 70 फीसदी ने ठहरने के लिए होमस्टे को चुना। कोरोना के खतरे के बीच सैलानी होटलों की अपेक्षा होमस्टे में ठहरना अधिक सुरक्षित मान रहे हैं। ठियोग के हाई लेंडर होमस्टे के संचालक सोहन ठाकुर का कहना है कि 20 कमरे के एक होटल में करीब 50 लोग ठहरते हैं और 10 लोगों का स्टाफ होता है, जबकि तीन या चार कमरे के होमस्टे में 10 से 12 लोग ठहरते हैं और संचालन परिवार करता है। ऐसे में सैलानी होटलों के मुकाबले होमस्टे में अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। श्याम टूर एंड एडवेंचर नारकंडा के संचालक विक्रांत श्याम का कहना है कि होटलों के मुकाबले होमस्टे में साफ-सफाई अधिक रहती है, लोकल कल्चर के अलावा गेस्ट को परिवार का माहौल मिलता है।
पर्यटन: कोरोना काल में होटल के बजाय होमस्टे में ठहरे हिमाचल आए 70 फीसदी सैलानी
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 05 Jul 2021 01:24 PM IST
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