देवभूमि हिमाचल में रविवार रात अंधड़ ने भारी तबाही मचाई। मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर और ऊना जिले समेत कई क्षेत्रों में करोड़ों का नुकसान हुआ है। मंडी जिले में एक व्यक्ति की जान चली गई तो एक गंभीर रूप से घायल हो गया है। अकेले मंडी जिले में एक रात में 30 घर, 26 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं जबकि 2500 ट्रांसफार्मर ठप हैं। कई जिलों में पेड़ और बिजली पोल गिरने से ब्लैक आउट रहा। आम, लीची, प्लम, नाशपाती, आडू और मक्की की फसल को भी अंधड़ से भारी नुकसान पहुंचा है।
गर्मी से निजात पाने के लिए छत पर सो रहे मंडी के धर्मपुर के तीस वर्षीय विनय कुमार की जान चली गई है। तूफान से बचने के लिए विनय नीचे उतर रहे थे लेकिन संतुलन बिगड़ने से यह गिर पड़े जिससे इनकी मौत हो गई। सरकाघाट के जबोथ में सो रहे युवक पर निर्माणाधीन मकान का पिलर गिर गया, जिससे वह गंभीर घायल हो गए।
जिला हमीरपुर में बारिश व अंधड़ के कारण बिजली बोर्ड के खंभे और तार टूट गए। जिलाभर के लोगों को रविवार की रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। अंधड़ और बारिश ने जिले में आम, लीची, प्लम व आड़ू की फसल को नुकसान पहुंचाया है। घरों और गोशालाओं को भी क्षति हुई है। कांगड़ा में आम की 10 फीसदी फसल तबाह हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान नूरपुर, इंदौरा, शाहपुर, देहरा व धर्मशाला उपमंडल में हुआ है।
योल बाजार में पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें टूट गईं। ज्वालामुखी में पूरी रात बिजली गुल रही। पानी की सप्लाई भी नहीं हो पाई। पालमपुर में बिजली की तारों पर पेड़ गिर गया, जिसके चलते विद्युत आपूर्ति बाधित रही। नगरोटा सूरियां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रांगण में बना कला मंच भी तेज तूफान के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। ग्राम पंचायत राजोल के गांव थड़ा में दोमंजिला कच्चा मकान गिर गया। शिमला शहर में भी कई भवनों की छतें उड़ गई। कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं।
मंडी-मनाली एनएच भी सुबह भूस्खलन के कारण पौने दस से लेकर साढ़े दस बजे तक बाधित रहा। वाहनों को बजौरा के रास्ते से भेजा गया। यहां दिन भर पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन ने लोगों को वाया कटौला बजौरा होकर कुल्लू जाने की अपील की है।