नगर निकायों और टीसीपी से नक्शा पास करवाने के बाद भी दस फीसदी तक डेविएशन करने वाले भवन मालिकों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दे दी है।
मंत्रिमंडल ने नगर नियोजन नियम 2014 की धारा 35 में संशोधन करने को मंजूरी दे दी है। अब ऐसे भवन मालिकों से पुरानी कंपाउंडिंग फीस के हिसाब से ही नियमितीकरण करने के लिए शुल्क वसूला जाएगा। मंत्रिमंडल ने विभिन्न न्यायिक निर्णयों के संदर्भ में विभिन्न निर्माणों में डेविएशन को जल्द से जल्द कपाउंड करने के लिए संशोधन करने का फैसला लिया है।
हिमाचल में हजारों ऐसे भवन मालिक हैं जिन्होंने नगर निकायों और टीसीपी से नक्शा पास कराने के बाद 5 से 10 फीसदी तक डेविएशन कर ली है। इन लोगों को बिजली और पानी के लिए टीसीपी और शहरी निकायों से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिल रही है।
अब मंत्रिमंडल द्वारा नगर नियोजन निगम में संशोधन करने का फैसला लेने से हजारों भवनों के नियमितीकरण की राह आसान हो गई है। नगर निगम क्षेत्र में दस फीसदी तक डेविएशन को नियमित करने के लिए 10635 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से कंपाउंडिंग फीस ली जाएगी।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए विभिन्न मामलों की सुनवाई में राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं। बीते दिनों ही प्रदेश हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण को नॉन कंपाउडेबल मानते हुए प्रदेश सरकार को इस बाबत नीति बनाने को कहा है। इसी कड़ी में मंत्रिमंडल ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश नगर नियोजन नियम 2014 की धारा 35 में संशोधन करने का फैसला लिया है।