हिमाचल कैबिनेट की बैठक में सरकारी नौकरियों, बागवानों और आम जनता को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों में 500 से ज्यादा पदों को भरने की मंजूरी दी। साथ ही सेब का समर्थन मूल्य भी बढ़ाने का फैसला लिया। कोरोना महामारी के कारण प्रभावित हुए पर्यटन उद्योग के पुनर्जीवित करने के लिए कार्यशील पूंजी पर दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज की छूट के लिए योजना प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना के तहत 31 मार्च, 2020 तक एक करोड़ रुपये का जीएसटी चुकाने वाली पर्यटन इकाइयां 50 लाख रुपये तक के अधिकतम ऋण के लिए पात्र होंगी। इस अवधि तक कम से कम एक वर्ष तक एक करोड़ रुपये से तीन करोड़ रुपये तक जीएसटी चुकाने वाली पर्यटन इकाइयां 75 लाख रुपये तक ऋण लेने और तीन करोड़ रुपये से अधिक जीएसटी देने वाली पर्यटन इकाइयां एक करोड़ रुपये तक ऋण लेने तक पात्र होंगी। इसी प्रकार छोटी पंजीकृत पर्यटन इकाइयां 15 लाख रुपये तक के ऋण के लिए पात्र होंगी। ऋण अवधि चार वर्षों के लिए होगी जिसमें पहले दो वर्षों तक ब्याज में हर वर्ष 50 प्रतिशत छूट होगी। मंत्रिमंडल ने पर्यटन विभाग की तर्ज पर परिवहन विभाग में भी कार्यशील पूंजी के लिए ब्याज में छूट के लिए योजना लाने का भी निर्णय लिया।
हिमाचल में 500 से ज्यादा पद भरे जाएंगे, सेब का समर्थन मूल्य बढ़ा, जानें कैबिनेट के 15 बड़े फैसले
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मंत्रिमंडल ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 283 सेब खरीद केंद्र खोलने और कुल 1.50 लाख मीट्रिक टन सेब खरीदने का लक्ष्य रखा है। सेब खरीद 20 जुलाई से 15 नवंबर तक की जाएगी। आम का समर्थन 8.50 रुपये रखा गया है। पिछली बार आम का समर्थन मूल्य 7.50 रुपये था। आम और अन्य फलों की खरीद 1 जुलाई से 31 अगस्त तक होगी। मंत्रिमंडल ने सिडलिंग, ग्राफ्टिड, अचारी आम का समर्थन मूल्य 8.50 रुपये किलो तय किया है। यह पिछले साल 7.50 रुपये किलो था। बी ग्रेड के किन्नू, माल्टा और संतरे का समर्थन मूल्य 7.50 और सी ग्रेड का समर्थन मूल्य 7 रुपये किलो तय किया है। नींबू प्रजाति के फलों का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया है। गलगल का समर्थन मूल्य 6 रुपये किलो रखा गया है। प्रदेश सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि कोरोना काल में सेब का समर्थन मूल्य कम से कम 15 रुपये किलो होना चाहिए था। ए और बी ग्रेड के सेब का समर्थन मूल्य भी घोषित किया जाना चाहिए था। एंटी हेल नेट के बांस और स्थायी ढांचे पर 50 फीसदी उपदान देने उचित फैसला है।
कैबिनेट से हिमाचल के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे करीब साढ़े 12 हजार शिक्षकों को नियमित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कैबिनेट के इस फैसले ही जानकारी दी। मंत्रिमंडल ने किसानों की आय को दोगुना करने के लिए आरंभ की गई नई योजना ‘महक’ के अंतर्गत सुगंधित पौधों तथा उनके प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता देने के दिशा-निर्देशों को भी स्वीकृति प्रदान की।
हिमाचल में फिलहाल बस किराया नहीं बढ़ेगा। गुरुवार को सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई कैबिनेट की बैठक में बस किराया संबंधी प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। बता दें निजी बस ऑपरेटरों ने सरकार से किराये में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की मांग कर चुके हैं, लेकिन सरकार किराया बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। हिमाचल में तीन माह से प्राइवेट बसें सड़कों पर खड़ी हैं। हालांकि, 3100 में से 200 के करीब निजी बसें बीते तीन दिन से सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऑपरेटरों की मांगों के चलते परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर, परिवहन विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया और निजी ऑपरेटरों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई थी। इसमें परिवहन मंत्री ने मंत्रिमंडल बैठक में निजी बस ऑपरेटरों को कोई न कोई राहत देने की बात कही थी। लेकिन कैबिनेट बैठक में इस पर कोई फैसला नहीं हो सका है।