फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह मामले में हत्या की धारा को आत्महत्या में बदलने के विरोध में और उच्च स्तरीय या सीबीआई जांच की मांग को लेकर वन कर्मचारियों और आम जनता का आक्रोश मंगलवार को मंडी में सड़कों पर फूट पड़ा। ‘होशियार सिंह तेरे हत्यारों को सूली पर चढ़वाएंगे, दादी तेरे पोते को न्याय हम दिलाएंगे, आत्महत्या नहीं ये हत्या है, हत्या है हत्या है, होशियार सिंह अमर रहे, होशियार सिंह को शहीद का दर्जा दो’ के नारों से मंडी शहर गूंज उठा।
लगभग चार घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में वन कर्मियों ने उपायुक्त कार्यालय मंडी के बाहर जमकर धरना-प्रदर्शन किया। मामले में जांच के लिए एसआईटी गठन करने व सीआईडी से जांच करवाने, आत्महत्या की बजाय हत्या का मामला दर्ज करने को लेकर वन कर्मियों ने जमकर नारेबाजी की। सैकड़ों कर्मियों के साथ जवान, बच्चे, बूढ़े भी होशियार के लिए इंसाफ की मांग लेकर सड़कों पर उतर आए।
समय दोपहर 12:10 बजे। पुरानी मंडी। प्रदेश भर से सैकड़ों की तादात में वन कर्मी यहां पर एकत्र हुए। हर वन कर्मी के हाथ में होशियार को न्याय दिलाने की मांग की तख्ती है। यहां से रैली नारों की गूंज के साथ शुरू हुई। समय दोपहर 1:02 बजे। ऐतिहासिक सेरी मंच मंडी। प्रदर्शनकारियों की लंबी लाइन सेरी मंच से लेकर महामृत्युजंय मंदिर तक पहुंच गई।
शहर में जाम के हालात बन गए। पुलिस कर्मी यातायात बहाल करने में जुटे। वन कर्मियों की विरोध रैली के कारवां में आम लोग भी जुड़ रहे हैं। समय: दोपहर 1:10। सैकड़ों वन कर्मी व आम जनता उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वन कर्मी एसोसिएशन के नेता यहां पर एकत्र भीड़ को शांत होने की बात कहकर उपायुक्त से मिलने जाते हैं।
लेकिन, नारों की गूंज लगातार जारी है। लगभग डेढ़ बजे के करीब उपायुक्त से मिलकर कर्मचारी नेता बाहर आते हैं और एकत्र भीड़ को शांत होने का आश्वासन देते हैं। लेकिन, उग्र भीड़ डीसी को कार्यालय से बाहर बुलाने के लिए अड़ जाती है। समय: दोपहर 1:15 बजे। कर्मचारी नेता एसपी मंडी से मिलने जाते हैं।