दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र वाले हिमाचल प्रदेश कुल्लू के मलाणा गांव में अधिष्ठाता देवता जमदग्नि ऋषि (जमलू) के आदेश पर शराबबंदी लागू हो गई है। यहां पर अब कोई व्यक्ति शराब नहीं बेच पाएगा। अगर कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसे 10 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। इसका हुक्का पानी भी बंद कर दिया जाएगा। यहां के लोग मछली और मुर्गे का मांस नहीं खा सकेंगे। अंडे पर भी देवता ने प्रतिबंध लगा दिया है।
देवता का फैसला: सबसे पुराने लोकतंत्र वाले गांव में शराब पीने और बेचने पर पाबंदी, उल्लंघन पर 10 हजार जुर्माना
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इसके बाद देव समाज के लोगों ने अधिष्ठता देव जमलू की शरण में जाकर उनसे इन प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। पंचायत प्रधान राजू राम ने कहा कि देव आदेश लागू कर दिए गए हैं।
मलाणा पंचायत में शराबंदी लागू करने का फैसला देवता ने सुनाया है। जिसे पंचायत, देवता कमेटी और ग्रामीणों ने स्वीकार किया। देवता का आदेश न मानने पर दंड के साथ हुक्का-पानी बंद कर दिया जाएगा।
देवता ने देववाणी से कहा; टूट रहे देव नियम
देवता ने गूर के माध्यम से अपना फैसला सुनाया। देवता ने कहा कि शराब की बढ़ती लत से देव स्थल की पवित्रता भंग हो रही है। पहले नियमों का पालन होता रहा है। वर्तमान में देव नियम टूटने लगे हैं। देवता के नियमों को याद नहीं रखा जा रहा है।
मलाणा में शराब का सेवन करते हुए पकड़े जाने पर पहली बार 1100 रुपये जुर्माना वसूल जाएगा। यदि कोई व्यक्ति मलाणा में शराब, अंडा, मछली की बिक्री करते हुए पकड़ा गया तो उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। जबकि दूसरी बार ऐसा करने पर उसका हुक्का-पानी बंद होगा। गांव का कोई परिवार या शख्स संबंधित व्यक्ति से व्यवहार नहीं करेगा। पंचायत के पूर्व प्रधान भागी राम ने कहा कि सदियों से देवता के आदेश का पालन करते आए हैं। देव आदेश सर्वोपरि हैं।