फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Kullu Dussehra: दशहरा उत्सव की सदियों पुरानी देव परंपराओं का निर्वहन करने रवाना हुईं देवी हिडिंबा

Tue, 04 Oct 2022 06:14 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू)
संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 04 Oct 2022 06:14 PM IST
सार

दशहरा उत्सव में भाग लेने के लिए  कुल्लू राज परिवार की दादी देवी हिडिंबा मंगलवार को मंगलवार सुबह रवाना हुईं। ढुंगरी स्थित हिडिंबा मंदिर से देवी की भव्य रथयात्रा निकली गई।

विज्ञापन
Devi Hidimba left for kullu Dussehra festival with grand Rath Yatra, hundreds of devotees attended
दशहरा उत्सव के लिए रवाना हईं देवी हिडिंबा - फोटो : संवाद
देवी-देवताओं का महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव 5 से 11 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। उत्सव में लोगों के लिए देवताओं के दर्शन के साथ मनोरंजन का भी पूरा प्रबंध किया गया है। इस बार उत्सव में जहां रथयात्रा के पीएम मोदी साक्षी बनेंगे। वहीं राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र में सांस्कृतिक संध्या का विधिवत शुभारंभ करेंगे। 11 अक्तूबर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर उत्सव का समापन करेंगे।


दशहरा उत्सव की शोभा में कुल्लू घाटी के देवी-देवता बढ़ाएंगे। दशहरा उत्सव कमेटी की ओर से जिला भर के 332 देवताओं को दशहरा में आने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। दशहरा में इस बार पिछली बार से अधिक देवताओं के आने की उम्मीद है। दशहरा में लोगों के मनोरंजन के लिए कलाकेंद्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।  दशहरा उत्सव की सदियों पुरानी देव परंपराओं का निर्वहन करने के लिए कुल्लू राज परिवार की दादी देवी हिडिंबा मंगलवार को कुल्लू रवाना हो गई हैं।
Devi Hidimba left for kullu Dussehra festival with grand Rath Yatra, hundreds of devotees attended
दशहरा उत्सव के लिए रवाना हईं देवी हिडिंबा - फोटो : संवाद

मंगल को ढुंगरी गांव स्थित हिडिंबा मंदिर से देवी की ऐतिहासिक रथ यात्रा शुरू हुई। पूजा-अर्चना के पश्चात सैकड़ों हारियानों और कारकून रथयात्रा के साथ निकले। रथ में विराजमान देवी हिडिंबा और महर्षि मनु जहां से गुजरे, वहां दर्शन के लिए भक्तों की लंबी लाइनें लग गईं। 




 
Devi Hidimba left for kullu Dussehra festival with grand Rath Yatra, hundreds of devotees attended
देवी हिडिंबा। - फोटो : संवाद

जगह-जगह प्रसाद भी वितरित किया। बुधवार को देवी के रघुनाथ मंदिर पहुंचते ही उत्सव का आगाज हो जाएगा। मान्यता है कि देवी के बिना दशहरा उत्सव का आगाज नहीं होता। कुल्लू घाटी में दशहरे के पर्व का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है। देवी हिडिंबा का इस उत्सव में विशेष महत्व है। दशहरा देवी हिडिंबा के आगमन के बाद ही शुरू होता है। सात दिन तक चलने वाले उत्सव के दौरान देवी कुल्लू स्थित अस्थायी शिविर में रहेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Devi Hidimba left for kullu Dussehra festival with grand Rath Yatra, hundreds of devotees attended
दशहरा उत्सव के लिए रवाना हईं देवी हिडिंबा - फोटो : संवाद

पहले दिन देवी हिडिंबा का रथ कुल्लू के अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ मंदिर और कुल्लू राजमहल पहुंचेगा। राज परिवार की ओर से यहां बाकायदा अश्व पूजा होगी। सात दिन तक अस्थायी शिविर में रहने के बाद अंतिम दिन लंका दहन के पश्चात ही देवी वापस आएंगी। हिडिंबा माता के गुर देवी चंद ने बताया कि माता आज रात कुल्लू पहुंचेंगी और सुबह देवी का स्वागत होगा। रामशिला में देवी हिडिंबा को निमंत्रण देने के लिए छड़ी आएगी। यहां से देवी भगवान रघुनाथ के मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगी। 

विज्ञापन
Devi Hidimba left for kullu Dussehra festival with grand Rath Yatra, hundreds of devotees attended
देवता शंचूल महादेव - फोटो : संवाद

देवता शंचूल महादेव दशहरे के लिए रवाना  
उपमंडल बंजार की सराज घाटी के गढ़पति देवता शंचूल महादेव सैकड़ों हारियानों के साथ कुल्लू दशहरे के लिए रवाना हो गए हैं।  ढोल-नगाड़ों की थाप पर देवता ने देवालय से प्रस्थान किया। देवता शंचूल महादेव 100 किलोमीटर पैदल यात्रा कर तीन दिन बाद कुल्लू पहुंचेंगे। ढालपुर पहुंचने के बाद देवता सबसे पहले भगवान रघुनाथ के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। इसके बाद अस्थायी शिविर में विराजमान होंगे। इसके साथ ही सुबह व शाम को देवता की विशेष पूजा व आरती भी देववाद्ययंत्रों की धुनों पर की जाएगी। देवता का कुल्लू पहुंचने से पहले जगह-जगह भव्य स्वागत किया जाएगा। शंचूल महादेव के मेहता धनी राम चौहान ने कहा कि अस्थायी शिविर में सात दिनों तक श्रद्धालु दर्शन कर पाएंगे। 
 

ऊझी घाटी के कई और देवता कुल्लू रवाना 
मनाली। देवी हिडिंबा के अलावा ऊझी घाटी से दर्जनों देवी-देवता दशहरा में भाग लेने के लिए आज ही रवाना हुए। गौशाल गांव से गौतम ऋषि और तक्षक नाग, नसोगी से शंख नारायण, चचोगा-अलेउ से सृष्टि नारायण सहित कई देवी-देवता उत्सव में भाग लेंगे। सभी देवता आज ही रवाना हुए है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed