नोटबंदी अब कारोबारियों को डराने लगी है। पीएम की अपील पर कारोबारी स्वैप मशीनें तो लगाना चाह रहे हैं लेकिन इसमें भी बड़ी परेशानी आ रही है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला-
नोटबंदी का असर अब कारोबार पर भी दिखने लगा है। महज एक माह में ही कारोबार 60 फीसदी तक गिर गया है। नोटबंदी से छोटे कारोबारियों का कारोबार तो चौपट ही हो गया है। इन कारोबारियों का दावा है कि कारोबार में साठ फीसदी तक गिरावट आ गई है। इनका कारोबार नकदी से चलता है।
पीएम मोदी की अपील पर छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों ने स्वैप मशीनें लगाने की तैयारी तो कर ली लेकिन अब इसमें भी नई परेशानी सामने आ रही है। मजबूरन करीब एक माह तक ये मशीनें कारोबारियों को नहीं मिल सकेंगी।
नोटबंदी के बाद कारोबारियों ने स्वैप मशीनें लगाने के लिए बैंक में आवेदन भी किया है लेकिन इस प्रक्रिया में भी अभी कम से कम एक महीना और लगेगा। नए साल में हीं ये मशीनें कारोबारियों के पास उपलब्ध होंगी। बैंक इसकी देरी के पीछे बड़ा कारण दे रहे हैं।
बैंकों का कहना है कि नोटबंदी के बाद एकाएक इन मशीनों की डिमांड बढ़ गई हैं। वहीं, नोटबंदी के बीच बैंकों में पहले ही काम बढ़ गया है। कई जगहों पर ये मशीनें खत्म भी हो गई हैं और इनकी सप्लाई मंगवाई जा रही है। वहीं, जहां पर ये मशीनें उपलब्ध हैं वहां इन्हें उपलब्ध करवाने के लिए एक से डेढ़ महीने तक का समय दिया जा रहा है।